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जगन्नाथ पुरी, भारत
🌞 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
- सूर्योदय: 06:22 AM
- सूर्यास्त: 05:39 PM
- चन्द्रोदय: 06:10 PM
- चन्द्रास्त: 06:37 AM (अगले दिन)
📅 पंचांग विवरण
| तत्व | विवरण | गुण एवं धर्म |
|---|---|---|
| तिथि | प्रतिपदा (01:52 AM तक, 3 फरवरी तक) | शुभ तिथि, नये कार्य प्रारंभ हेतु उत्तम |
| वार | सोमवार | चंद्र देव का दिन, शांति और मानसिक स्थिरता हेतु शुभ |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष | शांति, व्रत, तपस्या के लिए उपयुक्त |
| नक्षत्र | अश्लेशा (10:47 PM तक) | बुद्धि, शक्ति, और रहस्यमय गुणों का नक्षत्र |
| योग | आयुष्मान (07:21 AM तक) | स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए शुभ योग |
| करण | बालव (02:41 PM तक), कौलव (01:52 AM तक) | बालव करण शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
🌙 चन्द्र मास, संवत एवं बृहस्पति संवत्सर
- विक्रम संवत: 2082 कालयुक्त
- बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त (03:07 PM तक, 25 अप्रैल 2025 तक)
- चन्द्र मास: फाल्गुन (पूर्णिमान्त)
- संवत्सर: 2082 विक्रम सम्वत

♋ राशि तथा नक्षत्र
- चन्द्र राशि: कर्क (10:47 PM तक)
- सूर्य राशि: मकर
- सूर्य नक्षत्र: श्रवण
- नक्षत्र पद: अश्लेशा (11:19 AM तक), फिर मघा
🌡️ ऋतु तथा अयन
- द्रिक ऋतु: शिशिर ऋतु
- वैदिक ऋतु: शिशिर
- द्रिक अयन: उत्तरायण
- वैदिक अयन: उत्तरायण
⏳ शुभ समय (Auspicious Timings)
| शुभ मुहूर्त | समय | उपयुक्त कार्य |
|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:40 AM से 05:31 AM | प्रातःकाल पूजा, अध्ययन, आध्यात्मिक कार्य |
| अभिजित मुहूर्त | 11:38 AM से 12:23 PM | सभी शुभ कार्य, नए कार्य प्रारंभ करना |
| विजय मुहूर्त | 01:53 PM से 02:39 PM | यात्रा प्रारंभ, महत्वपूर्ण निर्णय लेना |
| गोधूलि मुहूर्त | 05:37 PM से 06:02 PM | शाम की पूजा, ध्यान, परिवार के साथ समय बिताना |
| अमृत काल | 09:16 PM से 10:47 PM | शुभ कार्य, मंत्र जाप, स्वास्थ्य लाभ के लिए |
| निशिता मुहूर्त | 11:35 PM से 12:26 AM (3 फरवरी) | अत्यंत शुभ समय, महत्वपूर्ण कार्यों के लिए |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| अशुभ काल | समय | निषेध कार्य |
|---|---|---|
| राहुकाल | 07:46 AM से 09:11 AM | नए कार्य आरंभ न करें, विशेषकर यात्रा या व्यापार |
| यमगण्ड | 10:36 AM से 12:01 PM | शुभ कार्य टालें, विवाद या अनिष्ट हो सकते हैं |
| दुर्मुहूर्त | 12:23 PM से 01:08 PM | शुभ कार्यों से बचें |
| गुलिक काल | 01:25 PM से 02:50 PM और 02:39 PM से 03:24 PM | नए कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं |
| वर्ज्य | 12:08 PM से 01:39 PM | विवाह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य वर्जित |
| मृत्यु पञ्चक | 07:35 AM से पूर्ण रात्रि तक | अत्यंत अशुभ, शुभ कार्य न करें |
📆 अन्य कैलेंडर एवं युग
- कलियुग वर्ष: 5126 वर्ष
- लाहिरी अयनांश: 24.228257
- जूलियन दिनांक: 2461073.5 दिन
- राष्ट्रीय नागरिक दिनांक: माघ 13, 1947 शक
- राष्ट्रीय निरयण दिनांक: माघ 20, 1947 शक
🌟 पञ्चक रहित मुहूर्त (विस्तृत विवरण)
| मुहूर्त का नाम | समय | विशेषता और महत्व |
|---|---|---|
| मृत्यु पञ्चक | 06:22 AM से 07:03 AM, 10:12 AM से 11:55 AM, 01:52 AM से 03:04 AM (3 फरवरी) | अशुभ काल, शुभ कार्य टालें |
| अग्नि पञ्चक | 07:03 AM से 08:39 AM, 11:55 AM से 01:55 PM, 03:04 AM से 05:10 AM (3 फरवरी) | अशुभ काल, विशेष सावधानी आवश्यक |
| शुभ मुहूर्त | 08:39 AM से 10:12 AM, 01:55 PM से 04:07 PM, 06:21 PM से 08:30 PM, 10:38 AM से 10:47 AM | शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय |
| रज पञ्चक | 04:07 PM से 06:21 PM | सावधानी रखें, कुछ कार्य टालें |
| चोर पञ्चक | 08:30 PM से 10:38 PM | अशुभ काल, शुभ कार्य न करें |
| रोग पञ्चक | 10:47 PM से 12:49 AM (3 फरवरी) | अशुभ काल, स्वास्थ्य और शुभ कार्यों में बाधा |
🏠 निवास और शूल
- होमाहुति: चन्द्र (10:47 PM तक)
- दिशा शूल: पूर्व
- मंगल निवास: चन्द्र वास, उत्तर (10:47 PM तक)
- अग्निवास: पृथ्वी, पूर्व (10:47 PM से पूर्ण रात्रि तक)
- शिववास: गौरी के साथ (01:52 AM, 3 फरवरी तक)
- राहु वास: उत्तर-पश्चिम
- सभा में: कुम्भ चक्र, उत्तर
🌿 दैनिक उपवास और त्यौहार
आज के दिन फाल्गुन प्रारम्भ (उत्तर) है। फाल्गुन मास की शुरुआत होती है, जो वसंत ऋतु के आगमन का सूचक है। इस मास में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्यौहार आते हैं।
आज के दिन फाल्गुन प्रारम्भ (उत्तर) है। फाल्गुन मास की शुरुआत होती है, जो वसंत ऋतु के आगमन का सूचक है। इस मास में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्यौहार आते हैं।
फाल्गुन मास के व्रत और त्यौहार:
- वसंत पंचमी: ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती की पूजा का दिन।
- होली: रंगों का त्योहार, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक।
- माघ के अंतिम दिनों में कई व्रत जैसे संकष्टी चतुर्थी और अन्य व्रत आते हैं।
व्रत पालन विधि:
- उपवास के दिन शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
- प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में जागकर पूजा करें।
- भगवान विष्णु, शिव या देवी की पूजा करें।
- फलाहार या जल ग्रहण करें।
- शाम को सायाह्न संध्या में दीप प्रज्ज्वलित करें।
🔮 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- पंचांग में वर्णित योग जैसे सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, द्विपुष्कर आदि योग आज नहीं हैं, लेकिन आयुष्मान योग है जो स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए शुभ है।
- राहुकाल और अन्य अशुभ कालों में नए कार्य आरंभ न करें।
- अभिजित मुहूर्त का उपयोग सभी शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है।
✨ संक्षेप में
आज का दिन जगन्नाथ पुरी के लिए शुभ और फलदायी है, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त में किए गए कार्य सफल होंगे। राहुकाल और अन्य अशुभ कालों से बचना चाहिए। फाल्गुन मास की शुरुआत के कारण धार्मिक क्रियाओं में विशेष ध्यान दें।
आज का दिन जगन्नाथ पुरी के लिए शुभ और फलदायी है, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त में किए गए कार्य सफल होंगे। राहुकाल और अन्य अशुभ कालों से बचना चाहिए। फाल्गुन मास की शुरुआत के कारण धार्मिक क्रियाओं में विशेष ध्यान दें।


