भगवद गीता अध्याय 11 (विश्वरूप दर्शन योग): ईश्वर का विराट स्वरूप, काल-तत्त्व और परम सत्य का प्रत्यक्ष अनुभव
भगवद गीता अध्याय 11 (विश्वरूप दर्शन योग) में कृष्ण के विराट रूप, काल मैं हूँ गीता अर्थ, और जीवन-मृत्यु का सत्य समझें। पाएं ईश्वर का प्रत्यक्ष अनुभव व अहंकार नाश।










