आज का पंचांग और व्रत विशेष: 08 फरवरी 2026, रविवार

आज का पंचांग आपके लिए एक नई ऊर्जा, दिशा और धार्मिक प्रेरणा लेकर आया है। हर शुभ कार्य, पूजा, व्रत या निर्णय से पहले पंचांग देखना भारतीय संस्कृति की अमूल्य परंपरा है। आइये, आज के सभी महत्वपूर्ण पंचांग तत्वों को विस्तार से समझें और अपने दिन को सफल बनाएं!  🚩

📅 आज का पंचांग एवं तिथि

आज का पंचांग: 08 फरवरी 2026, रविवार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष सप्तमी
स्थान: पुरी (जगन्नाथ पुरी), भारत

🌅 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय

घटना समय
सूर्योदय 06:19 AM
सूर्यास्त 05:43 PM
चन्द्रोदय 11:31 PM
चन्द्रास्त 10:12 AM

📜 पंचांग विवरण (पुरी, उड़ीसा, भारत)

तत्व विवरण गुण/धर्म
तिथि सप्तमी (05:01 AM, 09 फरवरी तक) शुभ, धार्मिक कार्य हेतु उपयुक्त
नक्षत्र स्वाती (05:02 AM, 09 फरवरी तक) शांतिपूर्ण, सौम्य, यात्रा हेतु शुभ
वार रविवार सूर्यदेव की उपासना हेतु विशेष
योग गण्ड (12:08 AM, 09 फरवरी तक), वृद्धि गण्ड: मिश्रित, वृद्धि: सकारात्मक
करण विष्टि (03:54 PM तक), बव, बालव विष्टि: अशुभ, बव/बालव: सामान्य
पक्ष कृष्ण पक्ष व्रत, साधना, ध्यान हेतु उपयुक्त
चन्द्र राशि तुला संतुलन, न्यायप्रियता
सूर्य राशि मकर परिश्रम, अनुशासन

🗓️ चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर

तत्व विवरण
विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
गुजराती सम्वत 2082 पिङ्गल
चन्द्रमास (पूर्णिमान्त) फाल्गुन
चन्द्रमास (अमान्त) माघ
बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त

🌙 राशि तथा नक्षत्र

ग्रह राशि नक्षत्र नक्षत्र पद
चन्द्र तुला स्वाती 09:04 AM तक
सूर्य मकर धनिष्ठा 05:02 AM, 09 फरवरी तक

🌸 ऋतु तथा अयन

तत्व विवरण
द्रिक ऋतु शिशिर
वैदिक ऋतु शिशिर
अयन उत्तरायण


✅ शुभ समय (Auspicious Timings)

मुहूर्त समय उपयुक्त कार्य
ब्रह्म मुहूर्त 04:38 AM – 05:29 AM ध्यान, जप, पूजा, स्वाध्याय
प्रातः सन्ध्या 05:04 AM – 06:19 AM संध्या वंदन, सूर्य अर्घ्य
अभिजित मुहूर्त 11:38 AM – 12:24 PM कोई भी शुभ कार्य, नये कार्य की शुरुआत
विजय मुहूर्त 01:55 PM – 02:40 PM यात्रा, विजय कार्य, व्यवसायिक निर्णय
गोधूलि मुहूर्त 05:40 PM – 06:06 PM गृह प्रवेश, शुभ कार्य, दीपदान
सायाह्न सन्ध्या 05:43 PM – 06:58 PM संध्या वंदन, पूजा
अमृत काल 07:18 PM – 09:04 PM मांगलिक कार्य
निशिता मुहूर्त 11:36 PM – 12:26 AM (09 फरवरी) रात्रि पूजा, तंत्र साधना
रवि योग 06:19 AM – 05:02 AM (09 फरवरी) सभी शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ
नोट: अभिजित, विजय, ब्रह्म मुहूर्त, अमृत काल में कोई भी शुभ कार्य करना अत्यंत लाभकारी रहेगा। 🪔🌺

⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)

अशुभ समय समय निषेध कार्य
राहुकाल 04:17 PM – 05:43 PM कोई भी शुभ कार्य, नया आरंभ नहीं करें
यमगण्ड 12:01 PM – 01:26 PM यात्रा, विवाह, खरीदारी से बचें
गुलिक काल 02:52 PM – 04:17 PM निवेश, महत्वपूर्ण निर्णय टालें
दुर्मुहूर्त 04:11 PM – 04:57 PM मांगलिक कार्य वर्जित
वर्ज्य 08:40 AM – 10:26 AM शुभ कार्य वर्जित
भद्रा 06:19 AM – 03:54 PM विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, तीर्थ यात्रा वर्जित
नोट: उपरोक्त समय में कोई भी नया, शुभ, मांगलिक कार्य शुरू करने से बचें। 🚫

🕰️ अन्य कैलेण्डर एवं युग

तत्व विवरण
कलियुग 5126 वर्ष
कलि अहर्गण 1872614 दिन
जूलियन दिनांक 26 जनवरी 2026 CE
राष्ट्रीय नागरिक दिनांक माघ 19, 1947 शक

🕰️ पंचक रहित मुहूर्त (Panchak Rahit Muhurat)

आज के विशेष पंचक रहित मुहूर्त:
मुहूर्त समय
शुभ मुहूर्त 06:19 AM – 06:39 AM
रज पंचक 06:39 AM – 08:15 AM
शुभ मुहूर्त 08:15 AM – 09:49 AM
शुभ मुहूर्त 09:49 AM – 11:32 AM
रज पंचक 11:32 AM – 01:31 PM
शुभ मुहूर्त 01:31 PM – 03:44 PM
चोर पंचक 03:44 PM – 05:58 PM
शुभ मुहूर्त 05:58 PM – 08:06 PM
रोग पंचक 08:06 PM – 10:14 PM
शुभ मुहूर्त 10:14 PM – 12:26 AM (09 फरवरी)
मृत्यु पंचक 12:26 AM – 02:40 AM (09 फरवरी)
अग्नि पंचक 02:40 AM – 04:46 AM (09 फरवरी)
शुभ मुहूर्त 04:46 AM – 05:01 AM (09 फरवरी)
रज पंचक 05:01 AM – 05:02 AM (09 फरवरी)
शुभ मुहूर्त 05:02 AM – 06:19 AM (09 फरवरी)
विशेष: पंचक के समय में लकड़ी, छत, बिस्तर, शवदाह आदि कार्य वर्जित माने जाते हैं। पंचक रहित समय में ही इन कार्यों को करना शुभ होता है।

🏠 निवास और शूल

तत्व विवरण
होमाहुति गुरु (बृहस्पति)
दिशा शूल पश्चिम
अग्निवास पृथ्वी (05:01 AM, 09 फरवरी तक)
चन्द्र वास पश्चिम
राहु वास उत्तर
भद्रावास पाताल (03:54 PM तक)
शिववास श्मशान (05:01 AM, 09 फरवरी तक)

🌼 दैनिक उपवास और त्यौहार

भानु सप्तमी (Bhanu Saptami)

भानु सप्तमी सूर्य भगवान को समर्पित एक पावन पर्व है। इस दिन श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं, व्रत रखते हैं और सूर्य मंत्रों का जाप करते हैं। विशेष रूप से महिलाएँ अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत करती हैं।
विधि:
  • सूर्योदय से पूर्व स्नान करें।
  • लाल वस्त्र धारण करें।
  • सूर्य को तांबे के लोटे में जल, लाल पुष्प, अक्षत, रोली, गुड़ आदि डालकर अर्घ्य दें।
  • “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • व्रत कथा सुनें और सूर्य देव की आरती करें।
  • दिनभर सात्विक आहार लें और सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण करें।

 

शबरी जयंती (Shabari Jayanti)

शबरी जयंती माता शबरी की जयंती के रूप में मनाई जाती है, जिन्होंने श्रीराम को जूठे बेर खिलाए थे। इस दिन भक्तगण व्रत रखते हैं, माता शबरी की कथा सुनते हैं और भक्ति-भाव से पूजा करते हैं।
विधि:
  • प्रातः स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  • माता शबरी की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप जलाएं।
  • बेर, फल, गुड़ आदि का भोग लगाएं।
  • “ॐ श्री शबरी मातायै नमः” मंत्र का जाप करें।
  • रामायण का पाठ करें, कथा सुनें और प्रसाद वितरण करें।

🔎 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • आज रवि योग प्रातः 06:19 AM से अगले दिन 05:02 AM तक है, सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए यह श्रेष्ठ योग है।
  • भद्रा काल 06:19 AM से 03:54 PM तक है, अतः इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ आदि कार्य वर्जित हैं।
  • राहुकाल (04:17 PM – 05:43 PM) में कोई भी शुभ कार्य आरंभ न करें।
  • चन्द्रबलम और ताराबलम के अनुसार, मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर राशि के जातकों के लिए यह दिन अनुकूल है।
  • उपरोक्त पंचांग विवरण Jyotishdev.com के अनुसार है।

अधिक जानकारी, दैनिक पंचांग और ज्योतिष सलाह के लिए देखें:
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