3 जरूरी बातें: 14 फरवरी 2026 का पंचांग और शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग: 14 फरवरी 2026 | शनिवार | फाल्गुन कृष्ण द्वादशी | 🌞

नमस्कार सभी ज्योतिष प्रेमियों! आज का पंचांग आपके लिए लाया है दिनभर के शुभ-अशुभ योग, व्रत, उपवास, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और विशेष पर्वों की जानकारी—सिर्फ आपके लिए, ताकि आप अपने हर कार्य को सही समय पर और शुभ मुहूर्त में कर सकें। आइए, जानते हैं आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है!
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🌅 आज का पंचांग एवं तिथि

आज: शनिवार, 14 फरवरी 2026,
तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वादशी
स्थान: पुरी (जगन्नाथ पुरी), ओडिशा, भारत

🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय

घटना समय
सूर्योदय 06:16 AM
सूर्यास्त 05:46 PM
चन्द्रोदय 04:41 AM (15 फरवरी)
चन्द्रास्त 02:54 PM

📋 पंचांग विवरण (पुरी – जगन्नाथ पुरी)

तत्व विवरण गुण एवं धर्म
तिथि द्वादशी (04:01 PM तक), त्रयोदशी आरंभ क्षय, तप, उपवास, व्रत हेतु उपयुक्त
नक्षत्र पूर्वाषाढा (06:16 PM तक), फिर उत्तराषाढा शुभ, विवाह/उपवास हेतु श्रेष्ठ
योग सिद्धि (03:18 AM, 15 फरवरी तक), व्यतीपात सफलता, सिद्धि, कार्य सिद्धि हेतु श्रेष्ठ
करण तैतिल (04:01 PM तक), फिर गर शुभ कार्य, यात्रा, पूजा हेतु उपयुक्त
वार शनिवार शनि उपासना, व्रत, न्याय, तप हेतु उपयुक्त
पक्ष कृष्ण पक्ष साधना, उपवास, आत्मचिंतन हेतु श्रेष्ठ

3 जरूरी बातें: 14 फरवरी 2026 का पंचांग और शुभ मुहूर्त
3 जरूरी बातें: 14 फरवरी 2026 का पंचांग और शुभ मुहूर्त

📅 चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर

  • विक्रम सम्वत: 2082 कालयुक्त
  • शक सम्वत: 1947 विश्वावसु
  • गुजराती सम्वत: 2082 पिङ्गल
  • बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त
  • चन्द्रमास: फाल्गुन (पूर्णिमान्त), माघ (अमान्त)

🌙 राशि तथा नक्षत्र

ग्रह/तत्त्व स्थिति/नक्षत्र
चन्द्र राशि धनु (12:42 AM, 15 फरवरी तक), फिर मकर
सूर्य राशि कुम्भ
सूर्य नक्षत्र धनिष्ठा
नक्षत्र पद पूर्वाषाढा (11:48 AM तक), फिर उत्तराषाढा

🌤️ ऋतु तथा अयन

  • द्रिक ऋतु: शिशिर
  • वैदिक ऋतु: शिशिर
  • अयन: उत्तरायण
  • दिनमान: 11 घंटे 29 मिनट 08 सेकंड
  • रात्रिमान: 12 घंटे 30 मिनट 17 सेकंड

📆 अन्य कैलेण्डर एवं युग

  • कलियुग: 5126 वर्ष
  • कलि अहर्गण: 1872620 दिन
  • जूलियन दिनांक: फरवरी 1, 2026 CE
  • राष्ट्रीय नागरिक दिनांक: माघ 25, 1947 शक
  • राष्ट्रीय निरयण दिनांक: फाल्गुन 02, 1947 शक

🌟 चन्द्रबल एवं ताराबल

  • मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन राशियों के लिए उत्तम चन्द्रबल (12:42 AM, 15 फरवरी तक)
  • ताराबल: अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद (06:16 PM तक)

🔵 पंचक रहित मुहूर्त (विशेष तालिका)

समय पंचक/शुभता उपयुक्त कार्य
06:16 AM – 07:51 AM अग्नि पंचक यज्ञ, हवन, अग्नि सम्बन्धी कार्य
07:51 AM – 09:25 AM शुभ मुहूर्त विवाह, पूजन, शुभारंभ
09:25 AM – 11:08 AM मृत्यु पंचक टालना उचित
11:08 AM – 01:08 PM अग्नि पंचक अग्नि कर्म, रसोई, हवन
01:08 PM – 03:20 PM शुभ मुहूर्त व्यापार, खरीदारी, पूजा
03:20 PM – 04:01 PM रज पंचक शांति, ध्यान
04:01 PM – 05:34 PM शुभ मुहूर्त यात्रा, खरीदारी, पूजा
05:34 PM – 06:16 PM चोर पंचक चोरी, झगड़ा, विवाद से बचें
06:16 PM – 07:43 PM शुभ मुहूर्त पूजा, ध्यान, संकल्प
07:43 PM – 09:50 PM रोग पंचक रोग, चिकित्सा आरंभ न करें
09:50 PM – 12:02 AM शुभ मुहूर्त जप, साधना, अध्ययन

🧭 निवास और शूल

  • होमाहुति: केतु
  • दिशा शूल: पूर्व (इस दिशा में यात्रा टालें)
  • अग्निवास: पृथ्वी
  • चन्द्र वास: पूर्व (12:42 AM, 15 फरवरी तक), फिर दक्षिण
  • शिववास: नन्दी पर (04:01 PM तक)

📿 दैनिक उपवास और त्यौहार

🌿 विजया एकादशी पारण

विजया एकादशी हिन्दू धर्म का अत्यंत पावन व्रत है, जो फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है।
पारण का अर्थ है—एकादशी व्रत का समापन।
इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
व्रत विधि:
  • प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करें।
  • पीले वस्त्र पहनें एवं पीले पुष्प चढ़ाएँ।
  • श्री हरि के समक्ष दीप प्रज्वलित करें, तुलसी पत्र अर्पित करें।
  • व्रत कथा पढ़ें एवं विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
  • दिनभर फलाहार या निर्जल व्रत रखें।
  • द्वादशी तिथि (आज 04:01 PM तक) में व्रत का पारण करें, अन्न, फल या जल ग्रहण करें।
  • ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन और दान दें।
मान्यता:
विजया एकादशी व्रत से समस्त पापों का नाश होता है, जीवन में विजय, सुख और समृद्धि मिलती है। विशेषकर, यह व्रत कठिन कार्यों में सफलता हेतु रखा जाता है।

🪐 शनि त्रयोदशी & शनि प्रदोष व्रत

शनि त्रयोदशी:
शनिवार को आने वाली त्रयोदशी तिथि को शनि त्रयोदशी कहते हैं।
इस दिन शनि देव की पूजा, तिल का दान, तेल अभिषेक, काले वस्त्र दान, छाया दान आदि करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या आदि से राहत मिलती है।
शनि प्रदोष व्रत:
प्रदोष व्रत हर त्रयोदशी को मनाया जाता है, पर जब यह शनिवार को आए, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है।
पूजन विधि:
  • सूर्यास्त के समय स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प आदि अर्पित करें।
  • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
  • शनि देव को तिल, तेल, काले वस्त्र, उड़द, लोहे का दान करें।
  • व्रत कथा सुनें और आरती करें।
मान्यता:
शनि प्रदोष व्रत से शनि दोष शांत होते हैं, जीवन में बाधाएँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

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🟢 शुभ समय (Auspicious Timings)

समय मुहूर्त उपयुक्त कार्य
04:36 AM – 05:26 AM ब्रह्म मुहूर्त ध्यान, जप, अध्ययन, पूजा, आरंभिक साधना
05:01 AM – 06:16 AM प्रातः सन्ध्या संध्या वंदन, सूर्य नमस्कार, पूजा
11:38 AM – 12:24 PM अभिजित मुहूर्त कोई भी शुभ कार्य, नया व्यापार, यात्रा आरंभ
01:56 PM – 02:42 PM विजय मुहूर्त यात्रा, प्रतियोगिता, कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्य
05:43 PM – 06:08 PM गोधूलि मुहूर्त गृह प्रवेश, वाहन खरीद, पूजा, विवाह
05:46 PM – 07:01 PM सायाह्न सन्ध्या संध्या वंदन, शिव पूजा, ध्यान
01:03 PM – 02:47 PM अमृत काल अत्यंत शुभ कार्य, विवाह, मुंडन, नामकरण
11:36 PM – 12:26 AM (15 फरवरी) निशिता मुहूर्त तांत्रिक साधना, विशेष पूजा, गुप्त कार्य

🔴 अशुभ समय (Inauspicious Timings)

समय अशुभ काल निषेध कार्य
09:09 AM – 10:35 AM राहुकाल विवाह, नया कार्य, यात्रा आरंभ
01:27 PM – 02:53 PM यमगण्ड शुभ कार्य, खरीदारी
06:16 AM – 07:43 AM गुलिक काल शिक्षा, निवेश, नया व्यापार
06:16 AM – 07:02 AM, 07:02 AM – 07:48 AM दुर्मुहूर्त कोई भी शुभ कार्य
02:47 AM – 04:29 AM (15 फरवरी) वर्ज्य पूजा, शुभ कार्य
बाण: मृत्यु (03:43 AM, 15 फरवरी तक), अग्नि (03:43 AM, 15 फरवरी से पूर्ण रात्रि तक) विशेष ध्यान रखें

🧑‍💼 अन्य उपयोगी जानकारी

  • सूर्योदय/सूर्यास्त का समय पंचांग में प्रतिदिन बदलता है, इसलिए दैनिक पूजा, संकल्प, यात्रा आदि में इसका ध्यान रखें।
  • दिशा शूल: पूर्व दिशा में यात्रा टालना चाहिए। अनिवार्य यात्रा हो, तो दही या घी खाकर निकलें।
  • पंचांग के पाँच तत्व (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) को देखकर ही कोई भी शुभ कार्य करें।
  • ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का दिन साधना, उपवास, व्रत, दान, पूजा के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

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