आज 1 मार्च 2026, रविवार का दिन, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, दिव्य ऊर्जा और शुभ अवसरों से भरा हुआ है। यह दिन भगवान शिव की उपासना और आत्म-चिंतन के लिए विशेष फलदायी है।
आज 01 मार्च 2026, रविवार को रवि प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और रविवार के दिन पड़ने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है, जिसका विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को शांति, समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत होकर भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन उपवास रखें और संध्या के समय प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना करें। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, चंदन आदि अर्पित करें और शिव मंत्रों का जाप करें। माना जाता है कि इस दिन व्रत करने और पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आज के दिन रवि पुष्य योग और सर्वार्थसिद्धि योग का भी शुभ संयोग बन रहा है, जो किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने के लिए अत्यंत फलदायी है।