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आज 03 मार्च 2026 को ब्रह्मांडीय ऊर्जा एक विशेष संगम बना रही है, जो हमारे जीवन में परिवर्तन और नए आरंभ के संकेत दे रही है। फाल्गुन पूर्णिमा और एक चंद्र ग्रहण का योग आज के दिन को अत्यंत महत्वपूर्ण बना रहा है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी) |
|---|---|
| सूर्योदय | 06:05 AM |
| सूर्यास्त | 05:51 PM |
| चंद्रोदय | 05:58 AM |
| चंद्रास्त | 06:31 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | पूर्णिमा 05:07 PM तक, तत्पश्चात प्रतिपदा |
| नक्षत्र | मघा 07:31 AM तक, तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी |
| योग | सुकर्मा 10:25 AM तक, तत्पश्चात धृति |
| करण | बव 05:07 PM तक, तत्पश्चात बालव (अगले दिन 04 मार्च को 04:54 AM तक) |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष 05:07 PM तक, तत्पश्चात कृष्ण पक्ष |
| ऋतु | दृक ऋतु: वसंत (Spring), वैदिक ऋतु: शिशिर (Winter) |
| अयन | उत्तरायण |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:35 AM से 12:22 PM तक |
| अमृत कालम | 04 मार्च को 01:13 AM से 02:49 AM तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:27 AM से 05:16 AM तक |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी) |
|---|---|
| राहु कालम | 02:56 PM से 04:24 PM तक |
| यमगंड | 09:02 AM से 10:30 AM तक |
| गुलिकाई कालम | 11:59 AM से 01:27 PM तक |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
छोटी होली, होलिका दहन, वसन्त पूर्णिमा, चैतन्य महाप्रभु जयन्ती, दोल पूर्णिमा, लक्ष्मी जयन्ती, मासी मागम, अट्टुकल पोंगल, चन्द्र ग्रहण (पूर्ण), फाल्गुन पूर्णिमा व्रत, सावर्णि मन्वादि
छोटी होली और होलिका दहन: यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। होलिका दहन के दिन लोग शाम को होलिका की लकड़ी जलाते हैं और भजन, कीर्तन करते हैं। यह दिन नए उत्साह के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का अवसर है।
वसन्त पूर्णिमा: वसंत ऋतु का पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत पूजा-अर्चना के साथ किया जाता है।
चैतन्य महाप्रभु जयन्ती: यह दिन भगवान चैतन्य महाप्रभु के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो भक्ति और प्रेम के प्रवर्तक थे। भक्तजन कीर्तन, भजन और उपवास करते हैं।
दोल पूर्णिमा: होली से संबंधित एक प्रमुख त्योहार, जिसमें रंगों से खेला जाता है और सामाजिक मेलजोल बढ़ता है।
लक्ष्मी जयन्ती: देवी लक्ष्मी का पूजन और व्रत किया जाता है, धन और समृद्धि के लिए।
मासी मागम: यह एक महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा और स्नान पर्व है।
अट्टुकल पोंगल: तमिल समुदाय का प्रमुख कृषि पर्व, जो फसल की अच्छी पैदावार के लिए मनाया जाता है।
चन्द्र ग्रहण (पूर्ण): आज पूर्ण चंद्र ग्रहण भी है, जो आध्यात्मिक ध्यान और ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी का समय है। ग्रहण काल में किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए।
फाल्गुन पूर्णिमा व्रत: पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और स्वास्थ्य लाभ होता है।
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