आज 05 अप्रैल 2026 का दिन ऊर्जा और भक्ति से भरपूर रहने वाला है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित संकष्टी चतुर्थी का पावन अवसर लेकर आया है, जो आपके जीवन में सुख और समृद्धि ला सकता है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:46 AM |
| सूर्यास्त | 06:17 PM |
| चंद्रोदय | 09:23 PM |
| चंद्रास्त | 07:21 AM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया (दोपहर 12:01 PM तक), उसके बाद चतुर्थी |
| नक्षत्र | विशाखा (रात्रि 12:09 AM, 06 अप्रैल तक) |
| योग | वज्र (दोपहर 02:43 PM तक) |
| करण | विष्टि (दोपहर 12:01 PM तक) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु | वसंत |
| अयन | उत्तरायण |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:37 AM से 12:27 PM |
| अमृत कालम | शाम 06:20 PM से रात्रि 08:06 PM (संकष्टी चतुर्थी पूजा के लिए) |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:10 AM से 04:58 AM (सूर्योदय से 1 घंटा 36 मिनट पहले) |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहु काल | 04:43 PM से 06:17 PM |
| यमगंड | 12:02 PM से 01:36 PM |
| गुलिक काल | 03:09 PM से 04:43 PM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 05 अप्रैल 2026 को **विकट संकष्टी चतुर्थी** का पावन व्रत है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और रात में चंद्रमा के दर्शन के बाद अपना व्रत खोलते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
**पूजा विधि:** प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान गणेश का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। दिनभर उपवास रखकर शाम को पूजा की तैयारी करें। गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लड्डू अर्पित करें। रात में चंद्रमा के दर्शन करें और अर्घ्य दें। इसके बाद व्रत का पारण करें। संकष्टी चतुर्थी की पूजा का सबसे अच्छा समय शाम 06:20 PM से रात 08:06 PM तक (अमृत काल) रहेगा।
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