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आज, 05 अगस्त 2026, बुधवार का दिन, ग्रहों और नक्षत्रों के विशेष संयोग के साथ एक नई ऊर्जा लेकर आया है। यह दिन आपके जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाने की क्षमता रखता है। आइए जानते हैं पुरी, ओडिशा के लिए आज का विस्तृत पंचांग।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:23 AM (पुरी, ओडिशा के लिए) |
| सूर्यास्त | 06:22 PM (पुरी, ओडिशा के लिए) |
| चंद्रोदय | 11:12 PM (05 अगस्त 2026) |
| चंद्रास्त | अगले दिन (06 अगस्त 2026) 12:19 PM (05 अगस्त को चंद्रास्त नहीं) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष सप्तमी (Saptami) रात 08:42 बजे तक, तत्पश्चात अष्टमी (Ashtami) |
| नक्षत्र | अश्विनी (Ashwini) रात 09:18 बजे तक, तत्पश्चात भरणी (Bharani) |
| योग | शूला (Soola) शाम 05:28 बजे तक, तत्पश्चात गण्ड (Ganda) |
| करण | विष्टि (Vishti) सुबह 09:27 बजे तक, तत्पश्चात बव (Bava) रात 08:42 बजे तक, तत्पश्चात बालव (Balava) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) |
| ऋतु | द्रिक ऋतु: वर्षा (Monsoon), वैदिक ऋतु: ग्रीष्म (Summer) |
| अयन | दक्षिणायन (Dakshinayana) |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | आज बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं है या अनुशंसित नहीं है। |
| अमृत कालम | 02:16 PM से 03:50 PM (दिल्ली पंचांग के अनुसार) |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:20 AM से 05:02 AM (दिल्ली पंचांग के अनुसार) |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु कालम | 12:27 PM से 02:08 PM |
| यमगंडा | 07:25 AM से 09:06 AM |
| गुलिकई कालम | 10:46 AM से 12:27 PM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 05 अगस्त 2026 को कालाष्टमी (Kalashtami) और मासिक कृष्ण जन्माष्टमी (Masik Krishna Janmashtami) का पर्व मनाया जा रहा है. कालाष्टमी का दिन भगवान शिव के रौद्र रूप, काल भैरव को समर्पित है. इस दिन भक्त काल भैरव की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं. यह माना जाता है कि काल भैरव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और सभी भय दूर होते हैं. मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के भक्तों के लिए एक विशेष दिन है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन भक्त भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं, भजन गाते हैं और उपवास रखते हैं. ऐसा करने से भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
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