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आज, 05 जुलाई 2026 को, ब्रह्मांडीय ऊर्जा आत्म-चिंतन और आंतरिक शुद्धिकरण की ओर इशारा कर रही है। कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और शतभिषा नक्षत्र हमें व्यवस्था, उपचार और आवश्यक बातों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित कर रहा है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:13 AM |
| सूर्यास्त | 06:30 PM |
| चंद्रोदय | 10:11 PM |
| चंद्रास्त | 09:34 AM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | पंचमी 01:30 PM तक, तत्पश्चात षष्ठी (कृष्ण पक्ष) |
| नक्षत्र | शतभिषा 03:12 PM तक, तत्पश्चात पूर्वा भाद्रपद |
| योग | आयुष्मान 04:40 PM तक, तत्पश्चात सौभाग्य |
| करण | तैतिल 01:30 PM तक, तत्पश्चात गरज 01:43 AM (06 जुलाई) तक, तत्पश्चात वणिज |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु (द्रिक) | वर्षा (Monsoon) |
| ऋतु (वैदिक) | ग्रीष्म (Summer) |
| अयन (द्रिक) | दक्षिणायन |
| अयन (वैदिक) | उत्तरायण |
(टिप्पणी: तिथि, नक्षत्र, योग, करण, पक्ष, ऋतु और अयन से संबंधित जानकारी नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित है, क्योंकि जगन्नाथ पुरी के लिए विशिष्ट डेटा उपलब्ध नहीं था।)
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी के स्थानीय समय के अनुसार अनुमानित) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:58 AM – 12:53 PM |
| अमृत कालम | 07:34 AM – 09:16 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:08 AM – 04:48 AM |
(टिप्पणी: शुभ मुहूर्त की जानकारी नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित है और जगन्नाथ पुरी के स्थानीय सूर्योदय/सूर्यास्त के अनुसार अनुमानित है।)
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहु कालम | 04:50 PM – 06:29 PM |
| यमगंड | 12:26 PM – 02:10 PM |
| गुलिकई कालम | 03:54 PM – 05:39 PM |
(टिप्पणी: यमगंड और गुलिकई कालम की जानकारी नई दिल्ली के पंचांग पर आधारित है।)
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 05 जुलाई 2026 को जगन्नाथ पुरी में कोई विशिष्ट प्रमुख त्यौहार नहीं है। हालांकि, आज की पंचमी तिथि कृष्ण पक्ष में आती है, जो चंद्रमा के घटते चरण को दर्शाती है। यह तिथि मन को सरल बनाने, अनावश्यक शोर को कम करने और आवश्यक बातों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ऊर्जा प्रदान करती है। यदि आप किसी शारीरिक या भावनात्मक बोझ को ढो रहे हैं, तो यह तिथि उसे दूर करने में सहायक है।
शतभिषा नक्षत्र, जिसका आज प्रभाव रहेगा, उपचार और सुरक्षा से जुड़ा है। इसके अधिष्ठाता देवता वरुण हैं, जो ब्रह्मांडीय व्यवस्था और जल के संरक्षक हैं। यह नक्षत्र सत्य, सीमाओं और विषहरण के लिए एक मजबूत अंतर्ज्ञान लाता है। यह शोध, चिकित्सा जांच, चिकित्सा-जैसे वार्तालाप, गहरी सफाई और शांत समस्या-समाधान के लिए एक अनुकूल समय है।
इसलिए, आज का दिन किसी विशेष उत्सव के बजाय, आंतरिक शुद्धि, आत्म-चिंतन और स्वास्थ्य व कल्याण से संबंधित कार्यों के लिए अत्यंत शुभ है। आप ध्यान कर सकते हैं, प्रकृति के साथ समय बिता सकते हैं, या उन कार्यों को पूरा कर सकते हैं जिन्हें सावधानीपूर्वक सुधार की आवश्यकता है।
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