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आज, 07 सितंबर 2026 को, ब्रह्मांडीय ऊर्जा हमें आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक विकास की ओर प्रेरित कर रही है। एकादशी तिथि का शुभ संयोग हमें अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने और सकारात्मकता का संचार करने का अवसर प्रदान करता है।
## 🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
आज जगन्नाथ पुरी, ओडिशा में सूर्य और चंद्रमा से संबंधित महत्वपूर्ण समय इस प्रकार हैं:
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:32 AM |
| सूर्यास्त | 05:57 PM |
| चंद्रोदय | 01:22 AM (07 सितंबर) |
| चंद्रास्त | 03:10 PM (07 सितंबर) |
## 📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
जगन्नाथ पुरी के लिए आज, 07 सितंबर 2026 का विस्तृत पंचांग इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी 05:03 PM तक, तत्पश्चात कृष्ण पक्ष द्वादशी |
| नक्षत्र | पुनर्वसु 06:14 PM तक, तत्पश्चात पुष्य |
| योग | व्यतिपात 06:41 AM तक, तत्पश्चात वरियान |
| करण | बव 06:16 AM तक, तत्पश्चात बालव 05:03 PM तक, तत्पश्चात कौलव |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु | शरद (द्रिक ऋतु), वर्षा (वैदिक ऋतु) |
| अयन | दक्षिणायन |
## ✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
आज के दिन के कुछ शुभ मुहूर्त, जिनमें आप कोई भी महत्वपूर्ण कार्य आरंभ कर सकते हैं:
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:20 AM से 12:10 PM (लगभग, पुरी के लिए 06 सितंबर के अनुसार) |
| अमृत काल | 10:33 AM से 12:03 PM (लगभग, पुरी के लिए 06 सितंबर के अनुसार) |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:00 AM से 04:46 AM (लगभग, पुरी के लिए 06 सितंबर के अनुसार) |
## ⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
आज के दिन कुछ ऐसे समय भी हैं, जिनसे बचना चाहिए ताकि कार्यों में कोई बाधा न आए:
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु काल | 07:05 AM से 08:38 AM (पुरी के सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार परिकलित) |
| यमगंड | 11:45 AM से 01:18 PM (लगभग, पुरी के लिए 06 सितंबर के अनुसार) |
| गुलिक काल | 02:51 PM से 04:25 PM (लगभग, पुरी के लिए 06 सितंबर के अनुसार) |
## 🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 07 सितंबर 2026 को अजा एकादशी (Aja Ekadashi) का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह भगवान विष्णु को समर्पित एक महत्वपूर्ण एकादशी व्रत है, जो भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पड़ता है। इस दिन भक्तजन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए उपवास रखते हैं। अजा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान विष्णु का ध्यान करें। पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उन्हें तुलसी दल, पीले फूल, फल, धूप और दीप अर्पित करें। व्रत कथा का पाठ करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। शाम को फलाहार कर सकते हैं। यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
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