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आज, 10 अगस्त 2026, सोमवार का दिन, दिव्य ऊर्जाओं से भरा हुआ है। यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की कृपा से शांति और समृद्धि लेकर आया है। आज का पंचांग हमें ब्रह्मांड के सूक्ष्म स्पंदनों को समझने में मदद करेगा, ताकि हम अपने दिन को सर्वोत्तम रूप से जी सकें।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | 05:25 AM |
| सूर्यास्त (Sunset) | 06:20 PM |
| चंद्रोदय (Moonrise) | 02:27 AM |
| चंद्रास्त (Moonset) | 04:24 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | कृष्ण पक्ष द्वादशी (Krishna Paksha Dwadashi) 05:56 AM तक, फिर त्रयोदशी (Trayodashi) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | आर्द्रा (Ardra) 11:40 AM तक, फिर पुनर्वसु (Punarvasu) |
| योग (Yog) | हर्षण (Harshana) 02:04 AM तक, फिर वज्र (Vajra) 10:26 PM तक |
| करण (Karan) | तैतिल (Taitila) 08:01 AM तक, फिर गरज (Garaja) 06:27 PM तक, फिर वणिज (Vanija) |
| पक्ष (Paksha) | कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) |
| ऋतु (Ritu) | वर्षा (Varsha – Monsoon) |
| अयन (Ayana) | दक्षिणायन (Dakshinayana) |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat) | 11:29 AM से 12:17 PM |
| अमृत कालम (Amrit Kalam) | 03:23 AM से 04:50 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) | 03:56 AM से 04:41 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहु कालम (Rahu Kalam) | 07:02 AM से 08:39 AM |
| यमगंडा (Yamaganda) | 10:16 AM से 11:53 AM |
| गुलिकई कालम (Gulikiai Kalam) | 01:30 PM से 03:07 PM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 10 अगस्त 2026 को प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) मनाया जा रहा है, जो भगवान शिव को समर्पित है. यह व्रत भगवान शिव और देवी पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए रखा जाता है. त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है. भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और शाम को भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. इसके अतिरिक्त, आज दामोदर द्वादशी व्रत (Damodar Dwadashi Vrat) और पवित्र बारस (Pavitra Baras) भी है. दामोदर द्वादशी भगवान विष्णु के दामोदर स्वरूप को समर्पित है, जिसमें उनकी पूजा की जाती है. पवित्र बारस का महत्व भी इस दिन को विशेष बनाता है. इन पवित्र व्रतों का पालन करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और समृद्धि प्राप्त होती है.
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