आज 11 अगस्त 2026 का दिन विशेष ऊर्जा और शुभता से भरा है, जो आपके कार्यों में नई दिशा और सकारात्मकता लाएगा। यह दिन भगवान शिव की भक्ति और माता मंगला गौरी के आशीर्वाद का अनुपम संयोग लेकर आया है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:48 AM |
| सूर्यास्त | 07:04 PM |
| चंद्रोदय (अगले दिन) | 05:07 AM (12 अगस्त) |
| चंद्रास्त | 06:08 PM |
📅 आज का पंचांग
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण चतुर्दशी 01:52 AM (12 अगस्त) तक, तत्पश्चात अमावस्या |
| नक्षत्र | पुनर्वसु 10:09 AM तक, तत्पश्चात पुष्य |
| योग | सिद्धि 06:51 PM तक, तत्पश्चात व्यतीपात |
| करण | विष्टि (भद्रा) 03:22 PM तक, तत्पश्चात शकुनि 01:52 AM (12 अगस्त) तक |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु (Season) | वर्षा ऋतु |
| अयन | दक्षिणायन |
✨ शुभ मुहूर्त
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 12:00 PM से 12:53 PM तक |
| अमृत काल | 07:59 AM से 09:25 AM तक |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:22 AM से 05:05 AM तक |
⚠️ अशुभ समय
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु काल | 03:45 PM से 05:25 PM तक |
| यमगंड | 09:07 AM से 10:47 AM तक |
| गुलिक काल | 12:26 PM से 02:06 PM तक |
🕉️ व्रत और त्यौहार
आज, 11 अगस्त 2026, श्रावण मास की कृष्ण चतुर्दशी है, और यह दिन **सावन शिवरात्रि** के रूप में मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर शिव भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं और चारों प्रहर में विधिपूर्वक पूजा करते हैं। मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर सच्चे मन से की गई पूजा से व्यक्ति को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। पूजा के लिए अभिषेक में गंगाजल, स्वच्छ जल, दूध, दही, शहद और घी का उपयोग करें। इसके साथ ही चंदन, अक्षत, बेलपत्र, धतूरा, शमी पत्र और भस्म अर्पित करें। दीपक जलाकर भगवान गणेश का ध्यान करें और फिर भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें।
आज **दूसरा मंगला गौरी व्रत** भी है। यह व्रत माता मंगला गौरी (देवी पार्वती) को समर्पित है और श्रावण माह के प्रत्येक मंगलवार को रखा जाता है.
आज के दिन तामसिक भोजन, मद्यपान और मांसाहार से बचें और सात्विक आचरण बनाए रखें।
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