नमस्ते! ज्योतिषदेव.कॉम पर आपके विशेषज्ञ वैदिक ज्योतिषी के रूप में, मैं आज 12 अगस्त 2026 बुधवार के लिए जगन्नाथ पुरी, ओडिशा के विस्तृत पंचांग डेटा के साथ उपस्थित हूँ।
आज का दिन ऊर्जा और आध्यात्मिक चिंतन का सुंदर मिश्रण लेकर आया है। यह स्वयं को प्रकृति के साथ जोड़ने और आंतरिक शांति प्राप्त करने का उत्तम समय है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | 05:25 AM |
| सूर्यास्त (Sunset) | 06:20 PM |
| चंद्रोदय (Moonrise) | 04:36 AM |
| चंद्रास्त (Moonset) | 06:03 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | अमावस्या (Amavasya) 11:06 PM तक, उसके बाद प्रतिपदा (Pratipada) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | पुष्य (Pushya) 07:59 AM तक, उसके बाद अश्लेषा (Ashlesha) |
| योग (Yog) | व्यतिपात (Vyatipata) 03:26 PM तक, उसके बाद वरीयान (Variyan) |
| करण (Karan) | चतुष्पद (Chatushpada) 12:27 PM तक, उसके बाद नागव (Nagava) 11:06 PM तक, उसके बाद किंस्तुघ्न (Kinstughna) |
| पक्ष (Paksha) | कृष्ण पक्ष (Krishna Paksha) |
| ऋतु (Ritu) | वर्षा (Varsha) (Monsoon) |
| अयन (Ayana) | दक्षिणायन (Dakshinayana) |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat) | 11:25 AM – 12:17 PM (टिप्पणी: बुधवार को अभिजित मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है।) |
| अमृत कालम (Amrit Kalam) | 02:10 AM – 03:37 AM (यह अमृत काल 11 अगस्त की रात्रि से 12 अगस्त की सुबह तक है) |
| ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) | 04:22 AM – 05:05 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु काल (Rahu Kalam) | 11:51 AM – 01:28 PM |
| यमगंड (Yamaganda) | 07:02 AM – 08:38 AM |
| गुलिक काल (Gulik Kalam) | 10:15 AM – 11:51 AM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 12 अगस्त 2026, बुधवार को जगन्नाथ पुरी में **चितलागी अमावस्या** का विशेष अनुष्ठान मनाया जा रहा है। श्रावण कृष्ण अमावस्या तिथि पर होने वाली इस नीति के कारण, श्री जगन्नाथ मंदिर भक्तों के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक बंद रहेगा। इस दौरान, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को उनके मस्तक पर रत्नजड़ित सोने के ‘चिता’ (अलंकरण) से सजाया जाता है। यह एक महत्वपूर्ण रस्म है जो देवताओं को दिव्य रूप प्रदान करती है।
इसी दिन **हरियाली अमावस्या** भी मनाई जाती है, विशेषकर उत्तरी भारत में, जो प्रकृति और कृषि के सम्मान का प्रतीक है। इसके अतिरिक्त, **अन्वाधान और इष्टि व्रत** भी आज के दिन रखा जाएगा।
आज का दिन भगवान जगन्नाथ के विशेष अलंकरण को देखने और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा अवसर है।
—
https://www.jyotishdev.com


