नमस्ते! ज्योतिष्देव.कॉम पर आपके विशेषज्ञ वैदिक ज्योतिषी के रूप में, मैं आज 12 जुलाई 2026, रविवार के लिए जगन्नाथ पुरी, ओडिशा के पंचांग डेटा के साथ उपस्थित हूँ। आज की ग्रह-नक्षत्र स्थिति ऊर्जा और चिंतन का एक अनूठा संगम ला रही है, जो आपको अपने कार्यों में सफलता और आध्यात्मिक शांति प्रदान कर सकती है।
आज के दिन की ऊर्जा हमें आंतरिक शांति और बाहरी प्रयासों में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है। यह आत्म-निरीक्षण और आध्यात्मिक उन्नति का भी एक शुभ दिन है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी) |
|---|---|
| सूर्य उदय | 05:15 AM |
| सूर्य अस्त | 06:30 PM |
| चंद्र उदय | 02:20 AM |
| चंद्र अस्त | 04:39 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 10:29 PM तक, उसके बाद चतुर्दशी |
| नक्षत्र | रोहिणी 08:29 AM तक, उसके बाद मृगशिरा |
| योग | वृद्धि 08:06 PM तक, उसके बाद ध्रुव |
| करण | गरजा 12:18 PM तक, उसके बाद वणिज 10:29 PM तक, उसके बाद विष्टि |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु | वर्षा (दृक ऋतु) / ग्रीष्म (वैदिक ऋतु) |
| अयन | दक्षिणायन |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:59 AM – 12:54 PM |
| अमृत कालम | 05:37 AM – 07:03 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:10 AM – 04:51 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु कालम | 04:47 PM – 06:25 PM |
| यमगंड | 11:09 AM – 12:47 PM |
| गुलिकई कालम | 02:25 PM – 04:06 PM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 12 जुलाई 2026, रविवार को रवि प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है। रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है और रविवार को पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है। मासिक शिवरात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित है, जिसमें भक्त रात भर जागरण कर भगवान शिव का ध्यान करते हैं। इस दिन उपवास रखने और शिव मंत्रों का जाप करने से आध्यात्मिक शांति और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
आप शिव मंदिरों में जाकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाकर पूजा कर सकते हैं। शिव चालीसा का पाठ करना और “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। प्रदोष काल, यानी सूर्यास्त के बाद के समय में शिव पूजा का विशेष महत्व होता है।
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