आज सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं हमें एक नया दृष्टिकोण प्रदान कर रही हैं। यह दिन गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर के साथ मिलकर नई शुरुआत और बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।
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🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:34 AM |
| सूर्यास्त | 05:50 PM |
| चंद्रोदय | 08:17 AM |
| चंद्रास्त | 07:43 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | तृतीया 07:06 AM तक, तत्पश्चात चतुर्थी |
| नक्षत्र | चित्रा 01:55 PM तक, तत्पश्चात स्वाति |
| योग | ब्रह्म 12:47 PM तक, तत्पश्चात इंद्र |
| करण | गरज 07:06 AM तक, वणिज 07:20 PM तक, तत्पश्चात विष्टि |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| ऋतु | शरद (Drik Ritu) |
| अयन | दक्षिणायन |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:18 AM से 12:07 PM |
| अमृत काल | 07:18 AM से 08:57 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:32 AM से 05:19 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| समय का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहुकाल | 07:06 AM से 08:38 AM |
| यमगंड | 10:10 AM से 11:42 AM |
| गुलिक काल | 01:14 PM से 02:46 PM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 14 सितंबर 2026 को भारत में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। इस दिन भक्त भगवान गणेश की मिट्टी की मूर्ति स्थापित करते हैं और 10 दिनों तक उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। पूजा में मोदक, लड्डू, दुर्वा घास, लाल फूल और सिंदूर विशेष रूप से अर्पित किए जाते हैं। गणेश चतुर्थी पर, भक्तगण “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारे लगाते हुए, ढोल-नगाड़ों के साथ भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन करते हैं। इस शुभ दिन पर नए कार्य प्रारंभ करना, विद्या आरंभ करना और ऋण चुकाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
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