नमस्ते! ज्योतिषदेव.कॉम पर आपका हार्दिक स्वागत है। आज, 15 सितंबर 2026 को, ग्रहों और नक्षत्रों की चाल हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डाल रही है। आइए जानते हैं पुरी, ओडिशा के लिए आज का विस्तृत पंचांग और इस दिन की ऊर्जा को कैसे आत्मसात करें।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
आज पुरी, ओडिशा में सूर्योदय और सूर्यास्त, साथ ही चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय इस प्रकार है:
| घटना | समय (पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:33 AM |
| सूर्यास्त | 05:50 PM |
| चंद्रोदय | 08:13 AM |
| चंद्रास्त | 07:46 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
आज का पंचांग विवरण आपको दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने में मदद करेगा।
| विवरण | जानकारी (पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्थी (07:44 AM तक), उसके बाद शुक्ल पक्ष पंचमी |
| नक्षत्र | चित्रा (01:57 PM तक), उसके बाद विशाखा |
| योग | ब्रह्मा (12:46 PM तक), उसके बाद वैधृति |
| करण | विष्टि / भद्रा (07:44 AM तक), उसके बाद बव (08:17 PM तक), उसके बाद बालव |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| ऋतु | वर्षा (मॉनसून) |
| अयन | दक्षिणायन |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और समृद्धि लाते हैं।
| मुहूर्त का नाम | समय (पुरी, ओडिशा के अनुसार अनुमानित) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:40 AM से 12:30 PM (यह स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होता है) |
| अमृत कालम | आज के लिए सटीक अमृत कालम का समय उपलब्ध नहीं है। |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:33 AM से 05:19 AM (यह स्थानीय सूर्योदय पर आधारित होता है) |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्यों से बचना चाहिए।
| नाम | समय (पुरी, ओडिशा के अनुसार अनुमानित) |
|---|---|
| राहु कालम | 03:21 PM से 04:54 PM (स्थानीय समय पर आधारित) |
| यमगंड | 09:11 AM से 10:44 AM (स्थानीय समय पर आधारित) |
| गुलिकई कालम | 12:16 PM से 01:49 PM (स्थानीय समय पर आधारित) |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व सप्त ऋषियों को समर्पित है, जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। इस दिन महिलाएं मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुई गलतियों के लिए प्रायश्चित करती हैं। ऋषि पंचमी पर पूजा विधि में स्नान के बाद सप्त ऋषियों की पूजा करना, व्रत रखना और पवित्र नदियों में स्नान करना शामिल है। महिलाएं गंगाजल से स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनकर, सात ऋषियों (कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ) की प्रतिमा बनाकर या चित्र स्थापित कर उनकी पूजा करती हैं। इस दिन हल से जोते हुए अनाज का सेवन वर्जित होता है। इसके अतिरिक्त, तिरुमाला ब्रह्मोत्सव 2026 भी आज से शुरू हो रहा है।
आज के दिन को अपनी आध्यात्मिक उन्नति के लिए उपयोग करें।
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