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आज, 16 मार्च 2026, सोमवार का दिन, ग्रहों की शुभ स्थिति के साथ एक सकारात्मक ऊर्जा लेकर आया है। यह दिन आपके आध्यात्मिक और सांसारिक कार्यों के लिए उत्तम अवसर प्रदान कर रहा है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
आज जगन्नाथ पुरी, ओडिशा में सूर्य और चंद्रमा से संबंधित महत्वपूर्ण समय इस प्रकार हैं:
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:54 AM |
| सूर्यास्त | 05:56 PM |
| चंद्रोदय | 03:58 AM |
| चंद्रास्त | 03:30 PM |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
जगन्नाथ पुरी, ओडिशा के लिए 16 मार्च 2026 का विस्तृत पंचांग:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी 07:40 AM तक, तत्पश्चात कृष्ण पक्ष त्रयोदशी |
| नक्षत्र | धनिष्ठा |
| योग | शिव 09:36 AM तक, तत्पश्चात सिद्ध |
| करण | तैतिल 09:41 AM तक, तत्पश्चात गरजा 09:37 PM तक, तत्पश्चात वणिज |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु (द्रिक) | वसंत (Spring) |
| अयन (द्रिक) | उत्तरायण |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
आज के कुछ शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं, जिनका उपयोग आप अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए कर सकते हैं:
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:32 AM से 12:20 PM |
| अमृत कालम | 07:03 PM से 08:43 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:19 AM से 05:07 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
इन अशुभ समयों से बचना चाहिए, ताकि कार्यों में बाधा न आए:
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु कालम | 04:26 PM से 05:56 PM |
| यमगंड | 09:00 AM से 10:40 AM |
| गुलिकई कालम | (जगन्नाथ पुरी के लिए विशिष्ट समय उपलब्ध नहीं है, सामान्यतः यह 01:30 PM से 03:00 PM के आसपास हो सकता है) |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 16 मार्च 2026, सोमवार के दिन **सोम प्रदोष व्रत** मनाया जाएगा। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और सोमवार को पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। प्रदोष व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है।
सुबह सूर्योदय के बाद और 07:40 AM से पहले, एकादशी का पारण करना चाहिए, यदि आपने पिछले दिन एकादशी का उपवास रखा था। इसके बाद, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि प्रभावी हो जाएगी, जिससे शाम का समय प्रदोष पूजा के लिए उत्तम रहेगा। सूर्यास्त से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के आसपास, भगवान शिव की प्रतिमा या शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, अक्षत, पुष्प आदि अर्पित करें। ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। इस दिन शिव स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को दीर्घायु, स्वास्थ्य और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।
आज के दिन आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना कर सकते हैं और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रार्थना कर सकते हैं।
शुभकामनाओं सहित,
ज्योतिषदेव
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