नमस्ते! ज्येष्ठ मास के इस पावन दिन पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है। आज का दिन विशेष ऊर्जाओं से भरा है, जो चिंतन और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत शुभ है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा
आज पुरी, ओडिशा में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति इस प्रकार है:
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:11 AM |
| सूर्यास्त | 06:16 PM |
| चंद्रोदय | 03:31 AM |
| चंद्रास्त | 05:49 PM |
📅 आज का पंचांग
पुरी, ओडिशा के लिए 16 मई 2026 का विस्तृत पंचांग इस प्रकार है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या (01:30 AM, 17 मई तक) |
| नक्षत्र | भरणी (05:30 PM तक), उसके बाद कृतिका |
| योग | सौभाग्य (10:26 AM तक), उसके बाद शोभन |
| करण | चतुष्पाद (03:22 PM तक), उसके बाद नागव (01:30 AM, 17 मई तक) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| ऋतु | ग्रीष्म (द्रिक ऋतु) |
| अयन | उत्तरायण |
✨ शुभ मुहूर्त
आज के कुछ शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:17 AM से 12:09 PM |
| अमृत कालम | 01:15 PM से 02:40 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:35 AM से 04:23 AM |
⚠️ अशुभ समय
आज के अशुभ समय जिनसे बचना चाहिए:
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु कालम | 08:27 AM से 10:05 AM |
| यमगंड | 01:21 PM से 02:59 PM |
| गुलिकई कालम | 05:11 AM से 06:49 AM |
🕉️ व्रत और त्यौहार
आज, 16 मई 2026, शनिवार को कई महत्वपूर्ण पर्व और व्रत मनाए जा रहे हैं:
आज ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या है, जिसे दरशा अमावस्या और सावित्री अमावस्या के रूप में भी जाना जाता है, विशेषकर ओडिशा में इसे सावित्री पूजा के रूप में मनाया जाता है. इस दिन वट सावित्री व्रत भी रखा जाता है, जिसमें विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं और वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा करती हैं. यह व्रत सत्यवान-सावित्री की कथा से जुड़ा है, जहाँ सावित्री ने अपनी भक्ति और बुद्धिमत्ता से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे.
आज शनि जयंती भी है. इस दिन शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाता है. शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है और इस दिन उनकी पूजा-अर्चना करने से कुंडली में शनि के अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है. भक्त शनि मंदिरों में जाकर सरसों का तेल, काले तिल और नीले फूल चढ़ाते हैं.
इन पवित्र अवसरों पर दान-पुण्य करना और पितरों का तर्पण करना भी बहुत शुभ माना जाता है, खासकर अमावस्या के दिन.
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