Aaj Ka Panchang 17 Aug 2026: Shubh Muhurat & Rahu Kaal

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आज, 17 अगस्त 2026, सोमवार का दिन, एक विशेष ऊर्जा और संभावनाओं से भरा है। सावन के पवित्र महीने में, नाग पंचमी और सिंह संक्रांति का अद्भुत संयोग आज के दिन को और भी महत्वपूर्ण बना रहा है, जो शिव भक्तों और सूर्य उपासना करने वालों के लिए विशेष फलदायी है।

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🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)

घटना समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा)
सूर्योदय 05:27 AM
सूर्यास्त 06:15 PM
चंद्रोदय 09:36 AM
चंद्रास्त 09:09 PM

📅 आज का पंचांग (Panchang Details)

विवरण जानकारी (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा)
तिथि शुक्ल पक्ष पंचमी 05:00 PM तक, तत्पश्चात षष्ठी
नक्षत्र चित्रा अगस्त 18 को 04:58 AM तक
योग शुभ अगस्त 18 को 03:29 AM तक
करण बालव 05:00 PM तक, तत्पश्चात कौलव अगस्त 18 को 05:20 AM तक
पक्ष शुक्ल पक्ष
ऋतु वर्षा (मॉनसून)
अयन दक्षिणायन

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✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)

मुहूर्त का नाम समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा)
अभिजीत मुहूर्त 11:25 AM से 12:16 PM
अमृत काल 10:16 PM से 11:57 PM
ब्रह्म मुहूर्त 03:58 AM से 04:42 AM (लगभग)

⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)

नाम समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा)
राहुकाल 07:03 AM से 08:39 AM
यमगंड 10:15 AM से 11:51 AM
गुलिक काल 01:27 PM से 03:03 PM

🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)

आज, 17 अगस्त 2026, सोमवार को दो महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जा रहे हैं: नाग पंचमी और सिंह संक्रांति।

**नाग पंचमी:** सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन नाग देवताओं की पूजा की जाती है ताकि सर्प भय से मुक्ति मिले और परिवार में सुख-शांति बनी रहे। यह दिन भगवान शिव से भी जुड़ा है, क्योंकि नाग उनके गले का हार हैं। 2026 में नाग पंचमी सोमवार को पड़ रही है, जो तीसरा श्रावण सोमवार भी है, जिससे भगवान शिव की पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। भक्त नाग देवता की प्रतीकात्मक छवियों या मूर्तियों की पूजा कर सकते हैं और उन्हें दूध, फूल, अक्षत और मिठाई चढ़ा सकते हैं। सांपों को पकड़ने या परेशान करने से बचना महत्वपूर्ण है; सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प के रूप में उनकी छवियों की पूजा करें।

**सिंह संक्रांति:** आज के दिन सूर्य कर्क राशि से सिंह राशि में गोचर करेंगे, जिसे सिंह संक्रांति के नाम से जाना जाता है। यह एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना है जो सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष मानी जाती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान करने और सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। यह परिवर्तन कई राशियों के लिए नए अवसरों और ऊर्जा में बदलाव का संकेत देता है।

आज के दिन नाग देवता और भगवान शिव की पूजा करने के साथ-साथ सूर्य देव की उपासना भी विशेष फलदायी होगी।


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