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आज, 23 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन है और जगन्नाथ पुरी, ओडिशा में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार हो रहा है। आज का दिन अपने आप में कई शुभ और महत्वपूर्ण योगों को समेटे हुए है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
आज जगन्नाथ पुरी में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति इस प्रकार रहेगी:
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्य उदय (Sunrise) | 05:20 AM |
| सूर्यास्त (Sunset) | 06:28 PM |
| चंद्रोदय (Moonrise) | 01:14 PM |
| चंद्रास्त (Moonset) | 12:35 AM (24 जुलाई) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
आज का पंचांग विस्तार से:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | नवमी (Navami) 07:03 AM तक, तत्पश्चात दशमी (Dashami) |
| नक्षत्र (Nakshatra) | विशाखा (Vishakha) 01:42 AM (24 जुलाई) तक, तत्पश्चात अनुराधा (Anuradha) |
| योग (Yog) | शुभ (Shubha) 07:20 PM तक, तत्पश्चात शुक्ल (Shukla) |
| करण (Karan) | कौलव (Kaulava) 07:03 AM तक, तैतिल (Taitila) 08:05 PM तक, तत्पश्चात गरज (Garaja) |
| पक्ष (Paksha) | शुक्ल पक्ष (Shukla Paksha) |
| ऋतु (Ritu) | वर्षा ऋतु (Varsha Ritu) |
| अयन (Ayana) | दक्षिणायन (Dakshinayana) |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने के लिए ये उत्तम समय हैं:
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat) | 12:00 PM से 12:55 PM |
| अमृत काल (Amrit Kalam) | 03:56 PM से 05:42 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) | 04:15 AM से 04:56 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
इन समयों में किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य को करने से बचें:
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु काल (Rahu Kalam) | 02:10 PM से 03:53 PM |
| यमगंड (Yamaganda) | 05:37 AM से 07:20 AM |
| गुलिक काल (Gulikiai Kalam) | 09:02 AM से 10:45 AM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 23 जुलाई 2026 को जगन्नाथ पुरी में **सुना वेश (Suna Besha)** का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह जगन्नाथ रथ यात्रा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इस दिन, भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को Gundicha मंदिर में उनके रथों पर ही भव्य सोने के आभूषणों से सजाया जाता है। इस दिव्य दृश्य के दर्शन करना अत्यंत शुभ और मोक्षदायक माना जाता है। भक्तों को इस दिन भगवान के अलौकिक सौंदर्य और ऐश्वर्य का अनुभव करने का सौभाग्य प्राप्त होता है।
यह दिन श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जब भक्त भगवान के स्वर्णमय रूप को देखकर आनंदित होते हैं। इस अवसर पर आप भगवान जगन्नाथ के मंत्रों का जाप कर सकते हैं, उनकी स्तुति कर सकते हैं और उनके सुनहरे वेश के दर्शन कर सकते हैं।
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