नमस्ते! ज्योतिषदेव.कॉम पर आपका हार्दिक स्वागत है। आज, 24 फरवरी 2026, मंगलवार का दिन दिव्य ऊर्जा से ओत-प्रोत है। यह दिन माँ दुर्गा की कृपा और आत्मशुद्धि के विशेष संयोग लेकर आया है। आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति और संकल्पों को मजबूत करने के लिए अत्यंत शुभ है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 06:07 AM |
| सूर्यास्त | 05:43 PM |
| चंद्रोदय | 10:14 AM |
| चंद्रास्त | 01:13 AM (25 फरवरी) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष सप्तमी (सुबह 06:48 AM तक), फिर अष्टमी |
| नक्षत्र | कृतिका (दोपहर 02:37 PM तक), फिर रोहिणी |
| योग | इंद्र (सुबह 07:08 AM तक), फिर वैधृति |
| करण | वणिज (सुबह 06:48 AM तक), फिर विष्टि (शाम 05:27 PM तक), फिर बव |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| ऋतु | शिशिर |
| अयन | उत्तरायण |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:39 AM से 12:24 PM |
| अमृत काल | 12:17 PM से 01:48 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:29 AM से 05:18 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहु काल | 02:51 PM से 04:17 PM |
| यमगंड | 09:05 AM से 10:31 AM |
| गुलिक काल | 11:56 AM से 01:22 PM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 24 फरवरी 2026, मंगलवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है. आज के दिन ‘अष्टाह्निका विधान’ का प्रारम्भ होता है, जो जैन धर्म में आत्मशुद्धि और तपस्या का आठ दिवसीय महत्वपूर्ण अनुष्ठान है. इसके साथ ही, आज ‘मासिक दुर्गाष्टमी’ का पर्व भी मनाया जा रहा है. मासिक दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा की पूजा करने से भय, कष्ट और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है, तथा जीवन में शक्ति और आत्मबल की वृद्धि होती है.
आज से ‘होलाष्टक’ भी प्रारंभ हो रहे हैं. होलाष्टक फाल्गुन पूर्णिमा से आठ दिन पूर्व शुरू होते हैं, और इस दौरान शुभ-मांगलिक कार्यों पर पाबंदी रहती है. होलाष्टक के पहले दिन चंद्र ग्रह उग्र अवस्था में रहते हैं.
आज के दिन प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करें. दुर्गा सप्तशती या दुर्गा मंत्रों का पाठ करें. अष्टाह्निका विधान में संयम, उपवास और साधना का पालन करें. दिन भर सात्त्विक आचरण रखें और क्रोध से दूर रहें.
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