नमस्कार प्रिय ज्योतिष प्रेमियों! 🌟 आज 25 अगस्त 2026, मंगलवार का दिन, अपनी विशेष ऊर्जा और शुभता लेकर आया है। आज का दिन आध्यात्मिक उन्नति और मंगल कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं पुरी, ओडिशा के लिए आज का विस्तृत पंचांग।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | 05:29 AM |
| सूर्यास्त | 06:11 PM |
| चंद्रोदय | 02:42 AM (25 अगस्त) |
| चंद्रास्त | 04:21 PM (25 अगस्त) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी (06:20 AM तक), तत्पश्चात शुक्ल पक्ष त्रयोदशी |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा (10:51 PM तक), तत्पश्चात श्रवण |
| योग | आयुष्मान (07:41 AM तक), तत्पश्चात सौभाग्य |
| करण | बालव (06:20 AM तक), तत्पश्चात कौलव (07:13 PM तक), तत्पश्चात तैतिल |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| ऋतु | शरद (Autumn) |
| अयन | दक्षिणायन |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | 11:23 AM से 12:14 PM |
| अमृत कालम | 03:49 PM से 05:34 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:59 AM से 04:44 AM |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहु कालम | 02:58 PM से 04:33 PM |
| यमगंड | 11:49 AM से 01:23 PM |
| गुलिकई कालम | 08:01 AM से 08:52 AM |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 25 अगस्त 2026, मंगलवार के दिन, **भौम प्रदोष व्रत** मनाया जा रहा है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और मंगलवार को पड़ने के कारण इसे ‘भौम प्रदोष’ कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने और व्रत रखने से कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलती है, साथ ही साहस, समृद्धि और आध्यात्मिक उत्थान प्राप्त होता है।
आज **मंगला गौरी व्रत** भी है। यह व्रत विशेष रूप से देवी पार्वती (गौरी) को समर्पित है और सौभाग्य, वैवाहिक सुख तथा संतान प्राप्ति के लिए रखा जाता है। विवाहित महिलाएं देवी मंगला गौरी की पूजा करती हैं और अपने पतियों के लंबे जीवन और कल्याण के लिए प्रार्थना करती हैं। इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें, पूजा स्थल को शुद्ध करें। भगवान शिव और देवी पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) में शिव जी की विशेष पूजा करें, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें। मंगला गौरी व्रत के लिए देवी गौरी को सोलह श्रृंगार की वस्तुएं, लाल फूल और मिठाई अर्पित करें। व्रत कथा का पाठ करें और आरती करें।
आपका दिन शुभ हो!
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