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आज, 27 फरवरी 2026, शुक्रवार का दिन, ग्रहों की विशेष चाल के साथ ऊर्जा और आध्यात्मिकता से भरपूर है। आइए जानते हैं आज के दिन का पंचांग और इसके शुभ-अशुभ मुहूर्त।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
आज जगन्नाथ पुरी, ओडिशा के लिए सूर्य और चंद्रमा से संबंधित महत्वपूर्ण समय (संदर्भ पूर्वी भारत के लिए):
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 06:13 AM |
| सूर्यास्त | 05:51 PM |
| चंद्रोदय | 01:47 PM |
| चंद्रास्त | 03:12 AM (28 फरवरी) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
आज 27 फरवरी 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | एकादशी (फाल्गुन शुक्ल पक्ष). एकादशी तिथि रात 09:48 बजे तक रहेगी. |
| नक्षत्र | आर्द्रा दिन 10:24 बजे तक, उसके बाद पुनर्वसु. |
| योग | आयुष्मान योग रात 07:34 बजे तक, उसके बाद सौभाग्य योग. |
| करण | वणिज, उसके बाद विष्टि (भद्रा). |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| ऋतु | शिशिर |
| अयन | उत्तरायण |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
शुभ कार्यों के लिए आज के कुछ महत्वपूर्ण मुहूर्त:
| मुहूर्त का नाम | समय |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:39 AM से 12:24 PM तक |
| अमृत कालम | सुबह 09:07 AM से 10:33 AM तक (चौघड़िया अनुसार) |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:41 AM से 05:27 AM तक |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
इन समयों में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए:
| नाम | समय |
|---|---|
| राहु काल | सुबह 10:33 AM से 12:00 PM तक |
| यमगंड | दोपहर 02:54 PM से 04:21 PM तक |
| गुलिक काल | सुबह 07:40 AM से 09:07 AM तक |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज, 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को **आमलकी एकादशी** का पावन व्रत है, जिसे **रंगभरी एकादशी** के नाम से भी जाना जाता है. यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह साल की आखिरी एकादशी भी मानी जाती है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का साक्षात वास होता है. इस दिन व्रत रखने और आंवले के पेड़ की पूजा, परिक्रमा, जल अर्पण तथा आंवले का सेवन या दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और पापों से मुक्ति मिलती है. भक्त इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेते हैं. पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है.
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