नमस्ते! ज्योतिषदेव.कॉम पर आपका हार्दिक स्वागत है। आज 30 मई 2026 का दिन आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, जो हमें ब्रह्मांडीय तालमेल और ग्रहों की चाल को समझने का अवसर प्रदान करता है। आज का दिन विशेष रूप से ध्यान, प्रार्थना और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय (Sunrise) | 05:07 AM |
| सूर्यास्त (Sunset) | 06:20 PM |
| चंद्रोदय (Moonrise) | 03:01 PM |
| चंद्रास्त (Moonset) | 02:07 AM (31 मई को) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा के लिए) |
|---|---|
| तिथि (Tithi) | चतुर्दशी सुबह 11:57 बजे तक, उसके बाद पूर्णिमा |
| नक्षत्र (Nakshatra) | विशाखा दोपहर 01:20 बजे तक, उसके बाद अनुराधा |
| योग (Yog) | शिव पूरी रात तक |
| करण (Karan) | वाणिज्य सुबह 11:57 बजे तक, उसके बाद विष्टि अगले दिन 01:05 AM तक |
| पक्ष (Paksha) | शुक्ल पक्ष |
| ऋतु (Ritu) | ग्रीष्म (Summer) |
| अयन (Ayana) | उत्तरायण |
*उपरोक्त तिथि, नक्षत्र, योग और करण की जानकारी नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार है, जो अक्सर भौगोलिक निकटता के कारण पुरी से काफी मिलती-जुलती होती है।*
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurat) | 11:19 AM से 12:07 PM (अनुमानित, सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार) |
| अमृत काल (Amrit Kalam) | 03:33 AM से 05:19 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) | 03:41 AM से 04:24 AM (29 मई के लिए, 30 मई के लिए समान माना जा सकता है) |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहु काल (Rahu Kalam) | 08:27 AM से 10:06 AM |
| यमगंड (Yamaganda) | 03:03 PM से 04:42 PM (29 मई के लिए, 30 मई के लिए समान माना जा सकता है) |
| गुलिकई कालम (Gulikiai Kalam) | 06:47 AM से 08:26 AM (29 मई के लिए, 30 मई के लिए समान माना जा सकता है) |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 30 मई 2026 को वैकासी विशाखम का पर्व मनाया जा रहा है। यह मुख्य रूप से तमिलनाडु में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण तमिल त्योहार है, जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) के जन्मदिन के उपलक्ष्य में होता है। हालाँकि यह मुख्य रूप से दक्षिण भारत का त्योहार है, Puri जैसे आध्यात्मिक केंद्रों में इसका उल्लेख स्थानीय पंचांगों में मिल सकता है। इस दिन भक्त भगवान मुरुगन की पूजा करते हैं, मंदिरों में विशेष प्रार्थनाएँ और अभिषेक किए जाते हैं। माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान मुरुगन का स्मरण करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
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आशा है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी। अधिक ज्योतिषीय मार्गदर्शन और दैनिक पंचांग के लिए, ज्योतिषदेव.कॉम पर बने रहें।
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