आज का पंचांग: 12 फरवरी 2026, गुरुवार की शुभ शुरुआत

आज का पंचांग आपके लिए लाया है दिनभर के शुभ-अशुभ योग, तिथि, नक्षत्र और सभी आवश्यक ज्योतिषीय विवरण। जानिए कौन-से समय में कौन-सा कार्य करना श्रेष्ठ रहेगा और किन कार्यों से बचना चाहिए। दैनिक उपवास और त्यौहार की विस्तृत जानकारी के साथ, आज का दिन आपके लिए क्या संदेश लेकर आया है, पढ़िए यहाँ!
https://link.jyotishdev.com/YouTube

📅 आज का पंचांग एवं तिथि

आज: 12 फरवरी 2026, गुरुवार
स्थान: जगन्नाथ पुरी, भारत

🌅 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय

🌞 सूर्योदय 🌜 चन्द्रोदय
06:17 AM 03:04 AM (13 फरवरी)
🌇 सूर्यास्त 🌙 चन्द्रास्त
05:45 PM 01:05 PM

📋 पंचांग विवरण

तत्व विवरण
तिथि दशमी (12:22 PM तक), एकादशी आरंभ
नक्षत्र ज्येष्ठा (01:42 PM तक), मूल (आगे)
वार गुरुवार
योग हर्षण (03:06 AM, 13 फरवरी तक), आडल योग, विडाल योग
करण विष्टि (12:22 PM तक), बव (01:27 AM, 13 फरवरी तक), बालव
पक्ष कृष्ण पक्ष
गुण हर्षण योग – शुभता, आडल/विडाल योग – अशुभता
धर्म गुरुवार – ज्ञान, गुरु, पूजा के लिए श्रेष्ठ

🗓️ चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर

विवरण मान
विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त
शक सम्वत 1947 विश्वावसु
गुजराती सम्वत 2082 पिङ्गल
चन्द्रमास (पूर्णिमान्त) फाल्गुन
चन्द्रमास (अमान्त) माघ
बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त (03:07 PM, 25 अप्रैल 2025 तक)

🌙 राशि तथा नक्षत्र

ग्रह राशि नक्षत्र पद
चन्द्र वृश्चिक (01:42 PM तक), धनु (आगे) ज्येष्ठा (07:01 AM तक), मूल (आगे)
सूर्य मकर (04:14 AM, 13 फरवरी तक), कुम्भ (आगे) धनिष्ठा (04:14 AM, 13 फरवरी तक), मूल (आगे)

🌱 ऋतु तथा अयन

ऋतु अवधि (दिन) अयन
शिशिर 11 घंटे 27 मिनट 07 सेकंड उत्तरायण
रात्रि 12 घंटे 32 मिनट 21 सेकंड उत्तरायण

अन्य विवरण

| दिनमान | 11 घंटे 27 मिनट 07 सेकंड | | रात्रिमान | 12 घंटे 32 मिनट 21 सेकंड | | मध्याह्न | 12:01 PM |

https://link.jyotishdev.com/Query

🕉️ शुभ समय (Auspicious Timings) ✨

समय उपयुक्त कार्य
ब्रह्म मुहूर्त 04:37 AM – 05:27 AM
प्रातः सन्ध्या 05:02 AM – 06:17 AM
अभिजित मुहूर्त 11:38 AM – 12:24 PM
विजय मुहूर्त 01:56 PM – 02:41 PM
गोधूलि मुहूर्त 05:42 PM – 06:07 PM
सायाह्न सन्ध्या 05:45 PM – 07:00 PM
निशिता मुहूर्त 11:36 PM – 12:26 AM (13 फरवरी)
सुझाव: इन समयों में पूजा, मंत्र जाप, नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह आदि शुभ कार्य करना श्रेष्ठ रहेगा।
🌸🙏🪔

⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings) 🚫

समय निषेध कार्य
राहुकाल 01:27 PM – 02:53 PM
यमगण्ड 06:17 AM – 07:43 AM
गुलिक काल 09:09 AM – 10:35 AM
दुर्मुहूर्त 10:07 AM – 10:52 AM
वर्ज्य 10:32 PM – 12:18 AM (13 फरवरी), 02:41 PM – 03:27 PM
गण्ड मूल पूरे दिन
भद्रा 06:17 AM – 12:22 PM
विंछुड़ो 06:17 AM – 01:42 PM
सुझाव: इन समयों में विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार, यात्रा, मुंडन आदि कार्यों से बचना चाहिए।
⛔🕑

📜 अन्य कैलेण्डर एवं युग

विवरण मान
कलियुग 5126 वर्ष
कलि अहर्गण 1872618 दिन
जूलियन दिनांक 30 जनवरी 2026
जूलियन दिन 2461083.5
राष्ट्रीय नागरिक दिनांक माघ 23, 1947 शक
राष्ट्रीय निरयण दिनांक माघ 30, 1947 शक
लाहिरी अयनांश 24.228640

🔆 पंचक रहित मुहूर्त

समय प्रकार
रज पंचक 06:17 AM – 06:23 AM
शुभ मुहूर्त 06:23 AM – 07:59 AM
चोर पंचक 07:59 AM – 09:33 AM
रज पंचक 09:33 AM – 11:16 AM
शुभ मुहूर्त 11:16 AM – 12:22 PM
चोर पंचक 12:22 PM – 01:15 PM
शुभ मुहूर्त 01:15 PM – 01:42 PM
रोग पंचक 01:42 PM – 03:28 PM
शुभ मुहूर्त 03:28 PM – 05:42 PM
मृत्यु पंचक 05:42 PM – 07:51 PM
अग्नि पंचक 07:51 PM – 09:58 PM
शुभ मुहूर्त 09:58 PM – 12:10 AM (13 फरवरी)
रज पंचक 12:10 AM – 02:25 AM (13 फरवरी)
शुभ मुहूर्त 02:25 AM – 04:30 AM (13 फरवरी)
चोर पंचक 04:30 AM – 06:17 AM (13 फरवरी)
व्याख्या: पंचक रहित शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश, विवाह, नया कार्य आरंभ, पूजा इत्यादि करना श्रेष्ठ रहेगा। पंचक काल में मंगली कार्य निषिद्ध माने जाते हैं।
🕰️🌿

🏠 निवास और शूल

तत्व दिशा/विवरण
दिशा शूल दक्षिण
नक्षत्र शूल पूर्व (01:42 PM तक)
चन्द्र वास उत्तर (01:42 PM तक)
राहु वास दक्षिण
अग्निवास पृथ्वी
भद्रावास स्वर्ग (12:22 PM तक)
शिववास क्रीड़ा में (12:22 PM तक)
सुझाव: दिशा शूल के अनुसार दक्षिण दिशा में यात्रा या कार्य से बचें। नक्षत्र शूल के अनुसार पूर्व दिशा में सावधानी रखें।
🧭

🎉 दैनिक उपवास और त्यौहार

महर्षि दयानन्द सरस्वती जयन्ती 🕉️🌺

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी का जन्म 1824 में हुआ था। वे आर्य समाज के संस्थापक थे, जिन्होंने वेदों की ओर लौटने का संदेश दिया। आज उनकी जयंती पर आर्य समाज के मंदिरों में विशेष यज्ञ, हवन और वेद पाठ का आयोजन होता है।
पूजन विधि:
  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर या मंदिर में वेद मंत्रों का पाठ करें।
  • हवन कुंड में आहुति दें (गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र आदि)।
  • महर्षि दयानन्द जी के उपदेशों का श्रवण करें।
  • आर्य समाज के सिद्धांतों का पालन करने का संकल्प लें।
  • सामूहिक भजन, प्रवचन एवं सत्संग में भाग लें।
  • गरीबों को भोजन, वस्त्र आदि दान करें।
महत्व:
महर्षि दयानन्द सरस्वती ने अंधविश्वास, मूर्तिपूजा और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई। उनके विचार आज भी समाज सुधार के प्रेरणा स्रोत हैं।
🌸🔥📿

🌟 अन्य उपयोगी जानकारी

  • पंचांग के अनुसार आज गण्ड मूल, भद्रा, पंचक, आडल योग, विडाल योग आदि अशुभ योग भी हैं, अतः मंगली कार्यों से बचना चाहिए।
  • चन्द्रबलम और ताराबलम की गणना के अनुसार, वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ राशि वालों के लिए दिन शुभ है।
  • पंचांग का उपयोग संकल्प, पूजन, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह, मुंडन आदि के लिए आवश्यक है।

🔗 अधिक जानकारी के लिए देखें:
https://www.jyotishdev.com

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Scroll to Top