Author name: Jyotish Dev

A Hindi infographic outlines the steps to devotion and surrender, including faith, seeking refuge in Krishna, practice of devotion, guidance of a guru, and understanding other religions.
Bhakti

शरणागति: भगवद् गीता का सर्वोच्च ज्ञान और भक्ति का परम मार्ग

शरणागति का अर्थ है भगवान की पूर्ण शरण में समर्पण करना, जो भगवद् गीता का सार है। यह जीवन की सभी कठिनाइयों और पापबंधनों से मुक्ति का सर्वोत्तम मार्ग है।

A sage in orange robes meditates under a large tree by a river at sunrise, with the text: "Bhagavad Gita Chapter 18 (Moksha Sannyasa Yoga): Karma, Renunciation, and Life’s Final Liberation.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 18 (मोक्ष संन्यास योग): कर्म, त्याग और जीवन की अंतिम मुक्ति का पूर्ण विज्ञान

भगवद गीता अध्याय 18 (मोक्ष संन्यास योग) की सरल व्याख्या। कर्म, त्याग, स्वधर्म, और ‘सर्वधर्मान् परित्यज्य’ का अर्थ समझें। पाएं जीवन की अंतिम मुक्ति और मोक्ष 2026 में।

A person meditating beside an open book, with glowing Om and lotus symbols, and text about Bhagavad Gita Chapter 17 and the science of faith.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 17 (श्रद्धात्रय विभाग योग): श्रद्धा का विज्ञान, आस्था के तीन रूप और जीवन की दिशा

भगवद गीता अध्याय 17 (श्रद्धात्रय विभाग योग) की सरल व्याख्या। जानें श्रद्धा का अर्थ, सत्त्व रज तम श्रद्धा, भोजन का मन पर प्रभाव, यज्ञ तप दान का रहस्य, और अंधविश्वास-श्रद्धा में अंतर।

A digital artwork with divine figures on the left and a dark, fiery landscape with a winged demon on the right, titled “Bhagavad Gita Chapter 16: Divine and Demonic Natures.”.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 16 (दैवासुर संपद विभाग योग): दैवी और आसुरी प्रवृत्तियाँ, चरित्र निर्माण और पतन का विज्ञान

भगवद गीता अध्याय 16 (दैवासुर संपद योग) में दैवी और आसुरी गुणों का अंतर समझें। जानें कैसे पहचानें आसुरी प्रवृत्तियाँ, अहंकार-क्रोध से मुक्ति और नैतिक जीवन का मार्ग 2026।

A mystical tree of life glows at the center, with people sitting and walking below, set in a vibrant, dreamlike landscape under sun and moon. Text explains Bhagavad Gita Chapter 15 themes.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 15: पुरुषोत्तम योग, जीवन-वृक्ष का रहस्य व आत्म-यात्रा 2026

भगवद गीता अध्याय 15 (पुरुषोत्तम योग) की सरल व्याख्या। संसार रूपी वृक्ष, आत्मा की यात्रा, क्षर-अक्षर पुरुष और परम पुरुषोत्तम की पहचान से पाएं आध्यात्मिक स्पष्टता व मुक्ति 2026।

Two men in ancient Indian attire converse. One is blue-skinned with a crown, the other is armored. Fiery and cloudy blue backgrounds swirl behind them. Text about Bhagavad Gita Chapter 14 appears above.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 14 (गुणत्रय विभाग योग): सत्त्व–रज–तम के बंधन, मनोविज्ञान और मुक्ति का विज्ञान

क्या आपने कभी सोचा है कि मनुष्य का स्वभाव इतना जटिल क्यों होता है? कोई व्यक्ति शांत, ज्ञानवान और दूसरों

A man sitting in a lotus position with a man in a robe.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 13: शरीर मैं नहीं हूँ — आत्मा, क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ और जीवन के परम सत्य का रहस्य

भगवद गीता अध्याय 13 की सरल व्याख्या से आत्मा और शरीर का अंतर, क्षेत्र-क्षेत्रज्ञ का अर्थ, सच्चा ज्ञान और अज्ञान से मुक्ति जानें। आत्मबोध और शांति पाएं 2026 में।

A serene scene of devotees meditating around Lord Krishna, who plays a flute, with quotes about devotion in the background and spiritual figures seated by a river at sunset.
Bhagwat Gita

भगवद गीता अध्याय 12: भक्ति योग का सरल मार्ग – साकार और निराकार भक्ति में अंतर, भगवान को कैसे प्राप्त करें, गीता अध्याय 12 व्याख्या

भगवद गीता अध्याय 12 की सरल व्याख्या। भक्ति योग से भगवान को कैसे प्राप्त करें, साकार और निराकार भक्ति में अंतर, भक्त के गुण, और 2026 में भक्ति से शांति कैसे पाएं।

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