आज का पंचांग आपके जीवन में शुभता और संतुलन लाने के लिए एक अनमोल मार्गदर्शक है। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, मंगलवार के दिन, जीवन के हर क्षेत्र में ऊर्जा, अनुशासन और आध्यात्मिकता का संदेश देती है। पंचांग का सही ज्ञान आपके हर कार्य को सफल बना सकता है – चाहे वह पूजा हो, शिक्षा हो या कोई नया कार्य आरंभ करना हो। आज के पंचांग की सम्पूर्ण जानकारी नीचे दी जा रही है।
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🌅 आज का पंचांग एवं तिथि
दिनांक: February 10, 2026
दिन: मंगलवार
स्थान: पुरी (जग्गनाथ पुरी), ओडिशा, भारत
🌄 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
| सूर्योदय |
सूर्यास्त |
चन्द्रोदय |
चन्द्रास्त |
| 06:18 AM |
05:44 PM |
01:18 AM (Feb 11) |
11:30 AM |
📋 पंचांग विवरण
| तत्व |
विवरण |
गुण एवं धर्म |
| तिथि |
अष्टमी (07:27 AM तक), नवमी |
अष्टमी: शक्ति, नवमी: सिद्धि |
| नक्षत्र |
विशाखा (07:55 AM तक), अनुराधा |
विशाखा: संकल्प, अनुराधा: मित्रता |
| योग |
ध्रुव (01:42 AM, Feb 11 तक) |
स्थिरता, दृढ़ता |
| करण |
कौलव (07:27 AM तक), तैतिल (08:43 PM तक) |
गति, परिवर्तन |
| वार |
मंगलवार |
ऊर्जा, साहस, मंगल कार्य |
| पक्ष |
कृष्ण पक्ष |
साधना, तप, आत्मचिंतन |
| चन्द्र राशि |
वृश्चिक |
गूढ़ता, आत्मबल |
| सूर्य राशि |
मकर |
अनुशासन, कर्म |
📅 चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
| तत्व |
विवरण |
| विक्रम सम्वत |
2082 कालयुक्त |
| शक सम्वत |
1947 विश्वावसु |
| गुजराती सम्वत |
2082 पिङ्गल |
| चन्द्रमास |
फाल्गुन (पूर्णिमान्त), माघ (अमान्त) |
| बृहस्पति संवत्सर |
कालयुक्त (03:07 PM, April 25, 2025 तक) |
🌠 राशि तथा नक्षत्र
| तत्व |
विवरण |
| चन्द्र राशि |
वृश्चिक |
| नक्षत्र पद |
विशाखा (07:55 AM तक), अनुराधा |
| सूर्य राशि |
मकर |
| सूर्य नक्षत्र |
धनिष्ठा, अनुराधा |
विशाखा और अनुराधा नक्षत्र आज के दिन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देते हैं। 🌟
🌤️ ऋतु तथा अयन
| तत्व |
विवरण |
| द्रिक ऋतु |
शिशिर |
| वैदिक ऋतु |
शिशिर |
| द्रिक अयन |
उत्तरायण |
| वैदिक अयन |
उत्तरायण |
शिशिर ऋतु और उत्तरायण अयन – दोनों ही जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाते हैं। ❄️🌞
अन्य कैलेण्डर एवं युग
| तत्व |
विवरण |
| कलियुग |
5126 वर्ष |
| कलि अहर्गण |
1872616 दिन |
| जूलियन दिनांक |
January 28, 2026 |
| राष्ट्रीय दिनांक |
माघ 21, 1947 शक |
🌙 पञ्चक रहित मुहूर्त (विस्तृत विवरण)
| समयावधि |
मुहूर्त प्रकार |
उपयुक्त कार्य |
| 06:18 AM – 06:31 AM |
शुभ मुहूर्त |
पूजा, आरंभ, संकल्प |
| 06:31 AM – 07:27 AM |
रोग पञ्चक |
स्वास्थ्य संबंधी कार्य वर्जित |
| 07:27 AM – 07:55 AM |
शुभ मुहूर्त |
पूजा, आरंभ |
| 07:55 AM – 08:07 AM |
मृत्यु पञ्चक |
माङ्गलिक कार्य वर्जित |
| 08:07 AM – 09:41 AM |
अग्नि पञ्चक |
अग्नि संबंधी कार्य वर्जित |
| 09:41 AM – 11:24 AM |
शुभ मुहूर्त |
गृह प्रवेश, वाहन खरीद |
| 11:24 AM – 01:23 PM |
मृत्यु पञ्चक |
शुभ कार्य वर्जित |
| 01:23 PM – 03:36 PM |
अग्नि पञ्चक |
अग्नि संबंधी कार्य वर्जित |
| 03:36 PM – 05:50 PM |
शुभ मुहूर्त |
विवाह, व्यापार आरंभ |
| 05:50 PM – 07:59 PM |
रज पञ्चक |
रज संबंधी कार्य वर्जित |
| 07:59 PM – 10:06 PM |
शुभ मुहूर्त |
पूजा, संकल्प |
| 10:06 PM – 12:18 AM (Feb 11) |
चोर पञ्चक |
चोरी, विवाद वर्जित |
| 12:18 AM – 02:33 AM (Feb 11) |
शुभ मुहूर्त |
रात्रि पूजा, ध्यान |
| 02:33 AM – 04:38 AM (Feb 11) |
रोग पञ्चक |
स्वास्थ्य संबंधी कार्य वर्जित |
| 04:38 AM – 06:18 AM (Feb 11) |
शुभ मुहूर्त |
ब्रह्म मुहूर्त, ध्यान, जप |
🏠 निवास और शूल
| तत्व |
विवरण |
| होमाहुति |
गुरु (07:55 AM तक) |
| दिशा शूल |
उत्तर |
| राहु वास |
पश्चिम |
| चन्द्र वास |
उत्तर |
| अग्निवास |
पृथ्वी |
| शिववास |
गौरी के साथ (07:27 AM तक) |
उत्तर दिशा में यात्रा या कार्य से बचें, पश्चिम दिशा में राहु का वास अशुभता ला सकता है। 🧭
📆 दैनिक उपवास और त्यौहार
आज के पंचांग में कोई विशेष त्यौहार या उपवास का उल्लेख नहीं है।
यदि किसी उपवास या त्योहार का उल्लेख होता, तो उसकी पूजा विधि, महत्व और पारंपरिक रीति-रिवाज विस्तार से दिए जाते। आप अगले दिनों के पंचांग में त्योहारों की जानकारी पा सकते हैं।
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- ब्रह्म मुहूर्त (04:38 AM – 05:28 AM): ध्यान, जप, पूजा के लिए श्रेष्ठ समय।
- प्रातः सन्ध्या (05:03 AM – 06:18 AM): संध्या वंदन, सूर्य अर्घ्य।
- अभिजित मुहूर्त (11:38 AM – 12:24 PM): कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने के लिए सर्वोत्तम।
- विजय मुहूर्त (01:55 PM – 02:41 PM): यात्रा या नए कार्य के लिए शुभ।
- राहुकाल (02:52 PM – 04:18 PM): किसी भी शुभ कार्य से बचें।
- गोधूलि मुहूर्त (05:41 PM – 06:07 PM): संध्या पूजा, घर वापसी के लिए शुभ।
- अमृत काल (11:12 PM – 12:59 AM, Feb 11): रात्रि पूजा, ध्यान के लिए श्रेष्ठ।
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✨ शुभ समय (Auspicious Timings)
| समय |
कार्य हेतु श्रेष्ठ |
| ब्रह्म मुहूर्त (04:38 AM – 05:28 AM) |
ध्यान, जप, पूजा |
| अभिजित मुहूर्त (11:38 AM – 12:24 PM) |
नया कार्य, व्यापार आरंभ |
| विजय मुहूर्त (01:55 PM – 02:41 PM) |
यात्रा, संकल्प |
| शुभ मुहूर्त (06:18 AM – 06:31 AM, 07:27 AM – 07:55 AM, 09:41 AM – 11:24 AM, 03:36 PM – 05:50 PM, 07:59 PM – 10:06 PM, 12:18 AM – 02:33 AM, Feb 11, 04:38 AM – 06:18 AM, Feb 11) |
पूजा, गृह प्रवेश, विवाह, वाहन खरीद, व्यापार आरंभ |
🚫 अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| समय |
निषेध कार्य |
| राहुकाल (02:52 PM – 04:18 PM) |
कोई शुभ कार्य न करें |
| यमगण्ड (09:10 AM – 10:35 AM) |
नया कार्य, यात्रा वर्जित |
| दुर्मुहूर्त (08:35 AM – 09:21 AM) |
किसी भी शुभ कार्य से बचें |
| गुलिक काल (12:01 PM – 01:27 PM) |
नया कार्य न करें |
| वर्ज्य (12:25 PM – 02:12 PM) |
शुभ कार्य वर्जित |
| मृत्यु पञ्चक, अग्नि पञ्चक, चोर पञ्चक, रोग पञ्चक |
माङ्गलिक कार्य, अग्नि संबंधी कार्य, विवाद, स्वास्थ्य संबंधी कार्य वर्जित |
🌟 अन्य उपयोगी जानकारी
- पंचांग का उपयोग शुभ मुहूर्त, पूजा, संकल्प, विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीद, व्यापार आरंभ, यात्रा आदि के लिए किया जाता है।
- पंचांग के पाँच मूल तत्व – तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार – हर कार्य में मार्गदर्शक हैं।
- पंचांग के अनुसार, दिन सूर्योदय से आरंभ होता है, और समय की गणना इसी आधार पर की जाती है।
- पंचांग की शुद्धता, तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण के सही निरूपण से ही संभव है।