कैसे जानें 19 फ़रवरी 2026 का फुलैरा दूज और रामकृष्ण जयन्ती शुभ मुहूर्त

आज का पंचांग और शुभ-अशुभ समय: 19 फरवरी 2026, गुरुवार

आज का दिन विशेष है क्योंकि यह फुलैरा दूज और रामकृष्ण जयन्ती का पर्व भी है। इस दिन का पंचांग और समय-सारिणी आपको अपने धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत कार्यों के लिए मार्गदर्शन देगा। आइए विस्तार से जानते हैं आज का पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।

🌞 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय

घटना समय
सूर्योदय 06:13 AM
सूर्यास्त 05:48 PM
चन्द्रोदय 07:16 AM
चन्द्रास्त 07:35 PM

📜 पंचांग विवरण

पंचांग तत्व विवरण गुण एवं धर्म
तिथि द्वितीया (03:58 PM तक) शुभ तिथि, नए कार्यों की शुरुआत के लिए उत्तम
नक्षत्र पूर्व भाद्रपद (08:52 PM तक) ज्ञान, आध्यात्मिकता का प्रतीक
योग सिद्ध (08:42 PM तक) सभी कार्यों के लिए अत्यंत शुभ
करण कौलव (03:58 PM तक), तैतिल (03:21 AM तक) कौलव करण शुभ, तैतिल करण भी शुभ
वार गुरुवार बृहस्पति देव का दिन, धर्म, ज्ञान का दिन
पक्ष शुक्ल पक्ष शुभ पक्ष, वृद्धि और समृद्धि का पक्ष
स्थान पुरी (जगन्नाथ पुरी), भारत

कैसे जानें 19 फ़रवरी 2026 का फुलैरा दूज और रामकृष्ण जयन्ती शुभ मुहूर्त


🌙 चन्द्र मास, संवत एवं बृहस्पति संवत्सर

  • चन्द्र मास: फाल्गुन (पूर्णिमान्त)
  • संवत: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त)
  • बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त (25 अप्रैल 2025 तक)

♒ राशि तथा नक्षत्र

तत्व विवरण
चन्द्र राशि कुम्भ (03:00 PM तक), फिर मीन
सूर्य राशि कुम्भ
सूर्य नक्षत्र धनिष्ठा (06:39 PM तक), फिर उत्तर भाद्रपद

🌿 ऋतु तथा अयन

तत्व विवरण
द्रिक ऋतु वसन्त
वैदिक ऋतु शिशिर
द्रिक अयन उत्तरायण
वैदिक अयन उत्तरायण


कैसे जानें 19 फ़रवरी 2026 का फुलैरा दूज और रामकृष्ण जयन्ती शुभ मुहूर्त

🌟 शुभ समय (मुहूर्त) और उपयुक्त कार्य

मुहूर्त समय उपयुक्त कार्य
ब्रह्म मुहूर्त 04:34 AM – 05:24 AM प्रातःकाल पूजा, अध्ययन, ध्यान
अभिजित मुहूर्त 11:37 AM – 12:24 PM सभी शुभ कार्य, विशेषकर आरंभ कार्य
विजय मुहूर्त 01:56 PM – 02:43 PM यात्रा प्रारंभ, नए कार्यों की शुरुआत
प्रातः सन्ध्या 04:59 AM – 06:13 AM दैनिक पूजा-अर्चना
सायाह्न सन्ध्या 05:48 PM – 07:02 PM शाम की पूजा, संध्या अनुष्ठान
अमृत काल 01:00 PM – 02:34 PM अत्यंत शुभ कार्यों के लिए
निशिता मुहूर्त 11:35 PM – 12:25 AM आध्यात्मिक क्रियाएं, मंत्र जाप

⚠️ अशुभ समय और निषेध कार्य

काल समय निषेध कार्य
राहुकाल 01:27 PM – 02:54 PM नए कार्य आरंभ न करें
यमगण्ड 06:13 AM – 07:40 AM शुभ कार्य न करें
गुलिक काल 09:07 AM – 10:34 AM महत्वपूर्ण कार्य टालें
आडल योग 06:39 PM – 08:52 PM अनिष्ट योग, नए कार्यों से बचें
मृत्यु पंचक 03:58 PM – 05:14 PM शुभ कार्य न करें

📅 अन्य कैलेंडर एवं युग

  • कलियुग वर्ष: 5126
  • लाहिरी अयनांश: 24.228907
  • शक संवत: 1947 विश्वावसु
  • जूलियन दिनांक: फरवरी 6, 2026 CE
  • राष्ट्रीय नागरिक दिनांक: माघ 30, 1947 शक

🕉️ पंचक रहित मुहूर्त

आज के दिन निम्न पंचक रहित मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं:
  • 06:13 AM से 07:32 AM
  • 10:48 AM से 12:48 PM
  • 03:01 PM से 03:58 PM
  • 07:23 PM से 08:52 PM
  • 09:31 PM से 11:43 PM
  • 01:57 AM से 04:03 AM (अगले दिन)
  • 05:52 AM से 06:13 AM (अगले दिन)

🏠 निवास और शूल

  • होमाहुति: सूर्य देव के साथ
  • दिशा शूल: दक्षिण
  • अग्निवास: पृथ्वी (03:58 PM तक)
  • नक्षत्र शूल: दक्षिण (08:52 PM तक)
  • आकाश: चन्द्र वास पश्चिम (03:00 PM तक)
  • शिववास: गौरी के साथ (03:58 PM तक)
  • सभा में: राहु वास दक्षिण
  • कुम्भ चक्र: पूर्व

🎉 दैनिक उपवास और त्यौहार

फुलैरा दूज:
यह पर्व विशेष रूप से धार्मिक महत्व रखता है। यह दिन व्रत और पूजा-अर्चना के लिए उत्तम माना जाता है। फुलैरा दूज के दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और उनके अवतारों की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
रामकृष्ण जयन्ती:
यह दिन महान संत रामकृष्ण परमहंस की जयंती के रूप में मनाया जाता है। भक्तजन इस दिन उनके जीवन और शिक्षाओं का स्मरण करते हुए भजन-कीर्तन, ध्यान और सेवा कार्य करते हैं। रामकृष्ण परमहंस की शिक्षाएं आध्यात्मिक उन्नति के लिए प्रेरणा देती हैं।
त्योहार मनाने का तरीका:
  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पूजा करें।
  • घर और मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • रामकृष्ण परमहंस के भजनों का पाठ करें।
  • व्रत रखने वाले उपवास करें और फलाहार करें।
  • दान-पुण्य करें और जरूरतमंदों की सहायता करें।

🔎 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • पंचांग में वर्णित राहुकाल, यमगण्ड, और अन्य अशुभ कालों में नए कार्य आरंभ करने से बचें।
  • पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्तों में धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक कार्यों की शुरुआत करें।
  • सूर्यास्त और चंद्रास्त के समय ध्यान और पूजा के लिए उत्तम हैं।
  • पंचांग के पंच तत्वों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) के आधार पर कार्य योजना बनाएं।

🌐 अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:

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