महा शिवरात्रि 2026: आज का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और ज्योतिषीय रहस्य 🌙🔱
हर साल महाशिवरात्रि के दिन का पंचांग विशेष महत्व रखता है। आज का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में शुभ-अशुभ प्रभाव लेकर आया है। जानिए आज के पंचांग के अनुसार आपके लिए कौन-से समय और योग सबसे महत्वपूर्ण हैं, कौन-से कार्य शुभ हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
https://link.jyotishdev.com/YouTubeआज का पंचांग एवं तिथि
आज: रविवार, 15 फरवरी 2026
तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
स्थान: पुरी (जगन्नाथ पुरी), ओडिशा, भारत
मुख्य पर्व: महा शिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि
तिथि: फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
स्थान: पुरी (जगन्नाथ पुरी), ओडिशा, भारत
मुख्य पर्व: महा शिवरात्रि, मासिक शिवरात्रि
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय 🌅🌕
| घटना | समय |
|---|---|
| सूर्योदय | 06:16 AM |
| सूर्यास्त | 05:46 PM |
| चन्द्रोदय | 05:24 AM (16 फरवरी) |
| चन्द्रास्त | 03:51 PM |
पंचांग विवरण 📝
| अंग | विवरण |
|---|---|
| तिथि | त्रयोदशी (05:04 PM तक), फिर चतुर्दशी |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा (07:48 PM तक), फिर श्रवण |
| योग | व्यतीपात (02:47 AM, 16 फरवरी तक) |
| करण | वणिज (05:04 PM तक), वरीयान, फिर विष्टि |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| स्थान | Jagannath Puri |
गुण एवं धर्म:
- त्रयोदशी तिथि शिव उपासना, तर्पण, और व्रत के लिए उत्तम है।
- उत्तराषाढ़ा नक्षत्र स्थिर कार्यों, शिक्षा, दीर्घकालिक निवेश के लिए शुभ।
- व्यतीपात योग को अशुभ माना जाता है, इसलिए सतर्कता आवश्यक।
- रविवार सूर्य देवता का दिन है, स्वास्थ्य और आत्मबल के लिए उपयुक्त।
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर 📅
| विवरण | मान |
|---|---|
| विक्रम सम्वत | 2082 कालयुक्त |
| शक सम्वत | 1947 विश्वावसु |
| गुजराती सम्वत | 2082 पिङ्गल |
| चन्द्र मास | फाल्गुन (पूर्णिमान्त) |
| प्रविष्टे/गते | 3 |
| माघ (अमान्त) | |
| बृहस्पति संवत्सर | कालयुक्त |
राशि तथा नक्षत्र 🪐✨
| ग्रह | राशि | नक्षत्र (पद) |
|---|---|---|
| चन्द्र | मकर | उत्तराषाढ़ा (07:06 AM तक), फिर श्रवण |
| सूर्य | कुम्भ | धनिष्ठा, फिर उत्तराषाढ़ा, श्रवण |
ऋतु तथा अयन 🌾🌬️
| प्रकार | मान |
|---|---|
| द्रिक ऋतु | शिशिर |
| वैदिक ऋतु | शिशिर |
| द्रिक अयन | उत्तरायण |
| वैदिक अयन | उत्तरायण |
| दिनमान | 11 घंटे 30 मिनट 10 सेकंड |
| रात्रिमान | 12 घंटे 29 मिनट 15 सेकंड |
https://link.jyotishdev.com/Queryशुभ समय (Auspicious Timings) 🕉️✨
| मुहूर्त | समय | उपयुक्त कार्य |
|---|---|---|
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:36 AM – 05:26 AM | ध्यान, जप, पूजा, शिक्षा, संकल्प |
| प्रातः सन्ध्या | 05:01 AM – 06:16 AM | स्नान, सूर्य अर्घ्य, संध्या वंदन |
| अभिजित मुहूर्त | 11:38 AM – 12:24 PM | कोई भी नया शुभ कार्य |
| विजय मुहूर्त | 01:56 PM – 02:42 PM | यात्रा, कोर्ट केस, प्रतियोगिता |
| गोधूलि मुहूर्त | 05:44 PM – 06:09 PM | गृह प्रवेश, वाहन आरंभ |
| अमृत काल | 12:59 PM – 02:41 PM | निवेश, विवाह, पूजन |
| निशिता मुहूर्त | 11:36 PM – 12:26 AM (16 फरवरी) | शिव पूजन, रात्रि जप, तंत्र कार्य |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 06:16 AM – 07:48 PM | सभी शुभ कार्य, विशेष रूप से आरंभ |
अशुभ समय (Inauspicious Timings) 🚫⚠️
| अशुभ मुहूर्त | समय | निषेध कार्य |
|---|---|---|
| राहुकाल | 04:20 PM – 05:46 PM | विवाह, गृह प्रवेश, नया कार्य आरंभ |
| यमगण्ड | 12:01 PM – 01:27 PM | यात्रा, निवेश |
| गुलिक काल | 02:53 PM – 04:20 PM | व्यापार, खरीदारी |
| दुर्मुहूर्त | 04:14 PM – 05:00 PM | कोई भी शुभ कार्य |
| वर्ज्य | 11:58 PM – 01:38 AM (16 फरवरी) | शुभ कार्य, पूजन |
| भद्रा | 05:04 PM – 05:23 AM (16 फरवरी) | मुण्डन, विवाह, गृह प्रवेश |
| आडल योग | 09:29 PM – 06:15 AM (16 फरवरी) | मंगलीक कार्य, शुभ आरंभ |
| विडाल योग | 01:28 PM – 09:29 PM | सभी शुभ कार्य |
अन्य कैलेण्डर एवं युग 🏺
- कलियुग: 5126 वर्ष
- कलि अहर्गण: 1872621 दिन
- जूलियन दिनांक: फरवरी 2, 2026
- राष्ट्रीय नागरिक दिनांक: माघ 26, 1947 शक
- लाहिरी अयनांश: 24.228754
पंचक रहित मुहूर्त (विस्तृत विवरण) 🕰️
| समयावधि | मुहूर्त प्रकार |
|---|---|
| 06:16 AM – 07:47 AM | शुभ मुहूर्त |
| 07:47 AM – 09:21 AM | रोग पंचक |
| 09:21 AM – 11:04 AM | चोर पंचक |
| 11:04 AM – 01:04 PM | शुभ मुहूर्त |
| 01:04 PM – 03:16 PM | रोग पंचक |
| 03:16 PM – 05:04 PM | शुभ मुहूर्त |
| 05:04 PM – 05:30 PM | मृत्यु पंचक |
| 05:30 PM – 07:39 PM | अग्नि पंचक |
| 07:39 PM – 07:48 PM | शुभ मुहूर्त |
| 09:46 PM – 11:58 PM | शुभ मुहूर्त |
| 02:13 AM (16 फरवरी) – 04:19 AM (16 फरवरी) | शुभ मुहूर्त |
| 06:08 AM (16 फरवरी) – 06:15 AM (16 फरवरी) | शुभ मुहूर्त |
नोट: पंचक रहित शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश, वाहन खरीद, नई शुरुआत, पूजन, व्यापार आरंभ करना अत्यंत शुभ। पंचक काल में मंगलीक कार्य निषिद्ध।
निवास और शूल 🏡🧭
| तत्व | स्थिति |
|---|---|
| होमाहुति | केतु |
| दिशा शूल | पश्चिम |
| अग्निवास | पाताल (05:04 PM तक) |
| चन्द्र वास | दक्षिण |
| राहु वास | उत्तर |
| भद्रावास | पाताल (05:04 PM से 05:23 AM, 16 फरवरी तक) |
| शिववास | भोजन में (05:04 PM तक), फिर श्मशान में |
दैनिक उपवास और त्यौहार: महा शिवरात्रि 2026 🕉️🕯️
महा शिवरात्रि आज का सबसे बड़ा पर्व है।
यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। शिवरात्रि व्रत रखने वाले श्रद्धालु रात्रि जागरण करते हैं, चार प्रहर की पूजा करते हैं, बेलपत्र, दूध, जल, धतूरा, भांग आदि भगवान शिव को अर्पित करते हैं।
शिवलिंग का अभिषेक करना, महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा, रुद्राष्टक का पाठ करना और रात्रि में शिव नाम का जप विशेष फलदायी माना गया है।
व्रती दिनभर उपवास रखते हैं, फलाहार लेते हैं और रातभर शिवभक्ति में लीन रहते हैं।
कैसे मनाएं:
यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन का प्रतीक है। शिवरात्रि व्रत रखने वाले श्रद्धालु रात्रि जागरण करते हैं, चार प्रहर की पूजा करते हैं, बेलपत्र, दूध, जल, धतूरा, भांग आदि भगवान शिव को अर्पित करते हैं।
शिवलिंग का अभिषेक करना, महामृत्युंजय मंत्र, शिव चालीसा, रुद्राष्टक का पाठ करना और रात्रि में शिव नाम का जप विशेष फलदायी माना गया है।
व्रती दिनभर उपवास रखते हैं, फलाहार लेते हैं और रातभर शिवभक्ति में लीन रहते हैं।
कैसे मनाएं:
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें
- शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, दही, घी से अभिषेक करें
- बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल अर्पित करें
- चार प्रहर में शिव पूजा करें
- रात्रि जागरण कर शिव नाम का जप करें
- दान, पुण्य, गरीबों को भोजन कराएं
- महामृत्युंजय मंत्र, शिवाष्टक, शिव चालीसा का पाठ करें
- व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद करें
मासिक शिवरात्रि भी इसी दिन है, जो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है। यह भी शिव उपासकों के लिए अत्यंत शुभ है।
अन्य उपयोगी जानकारी 📚
- चन्द्रबल, ताराबल: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन राशि के जातकों के लिए आज चन्द्रबल उत्तम है।
- शुभ योग: सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत काल — आज के दिन हर शुभ कार्य के लिए अत्यंत उत्तम।
- अशुभ योग: आडल योग, विडाल योग — इन योगों में मंगलीक कार्यों से बचना चाहिए।
- विशेष: आज का दिन साधना, तप, ध्यान, व्रत, दान, पुण्य के लिए श्रेष्ठ है। शिवभक्ति में लीन रहें और अपने घर-परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए शिवजी से प्रार्थना करें।
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