🙏 आज का पंचांग आपके जीवन में शुभ-अशुभ समय की सटीक जानकारी लाता है, जिससे आप अपने कार्यों की योजना बना सकते हैं। शनिवार, 21 फरवरी 2026 का पंचांग, आधुनिक जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी है – चाहे आप पूजा, यात्रा, निवेश या कोई भी शुभ कार्य कर रहे हों। पंचांग के अनुसार आज के दिन की ज्योतिषीय जानकारी, तिथि, नक्षत्र, योग, और शुभ-अशुभ मुहूर्त आपके सामने है।
https://link.jyotishdev.com/YouTube
🌅 आज का पंचांग एवं तिथि
आज: शनिवार, 21 फरवरी 2026
स्थान: पुरी (जगन्नाथ पुरी), ओडिशा, भारत
☀️ सूर्योदय एवं 🌙 चन्द्रोदय
| घटना |
समय |
| सूर्योदय |
06:12 AM |
| सूर्यास्त |
05:49 PM |
| चन्द्रोदय |
08:29 AM |
| चन्द्रास्त |
09:29 PM |
📋 पंचांग विवरण
| तत्व |
विवरण |
गुण एवं धर्म |
| तिथि |
शुक्ल पक्ष चतुर्थी (01:00 PM तक), पञ्चमी |
शुभ, धार्मिक कार्य हेतु उपयुक्त |
| नक्षत्र |
रेवती (07:07 PM तक), अश्विनी |
रेवती: सौम्य, अश्विनी: ऊर्जा |
| योग |
शुभ (03:51 PM तक) |
शुभ योग: सभी शुभ कार्य हेतु |
| करण |
विष्टि (01:00 PM तक), बव, बालव |
विष्टि: भद्राकाल, बव: साधारण |
| वार |
शनिवार |
शनि: संयम, अनुशासन |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
वृद्धि, शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
| स्थान |
पुरी (जगन्नाथ पुरी), ओडिशा |
|
🗓️ चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
| विवरण |
मान |
| विक्रम सम्वत |
2082 कालयुक्त |
| शक सम्वत |
1947 विश्वावसु |
| गुजराती सम्वत |
2082 पिङ्गल |
| चन्द्र मास |
फाल्गुन (पूर्णिमान्त/अमान्त दोनों) |
| बृहस्पति संवत्सर |
कालयुक्त (03:07 PM, अप्रैल 25, 2025 तक) |
🌙 राशि तथा नक्षत्र
| ग्रह |
राशि |
नक्षत्र पद |
| चन्द्र राशि |
मीन (07:07 PM तक), फिर मेष |
रेवती (07:39 AM तक), फिर अश्विनी |
| सूर्य राशि |
कुम्भ |
शतभिषा |
🌸 ऋतु तथा अयन
| प्रकार |
विवरण |
| द्रिक ऋतु |
वसन्त |
| वैदिक ऋतु |
शिशिर |
| द्रिक अयन |
उत्तरायण |
| वैदिक अयन |
उत्तरायण |
🕰️ शुभ समय (Auspicious Timings)
https://link.jyotishdev.com/Query
| मुहूर्त |
समय |
उपयुक्त कार्य |
| ब्रह्म मुहूर्त |
04:33 AM – 05:23 AM |
पूजा, ध्यान, पढ़ाई |
| प्रातः सन्ध्या |
04:58 AM – 06:12 AM |
सूर्य अर्घ्य, मंत्र जाप |
| अभिजित मुहूर्त |
11:37 AM – 12:24 PM |
शुभ कार्य, नई शुरुआत |
| विजय मुहूर्त |
01:56 PM – 02:43 PM |
यात्रा, कार्य आरम्भ |
| गोधूलि मुहूर्त |
05:46 PM – 06:11 PM |
घर प्रवेश, व्यापार |
| अमृत काल |
04:49 PM – 06:21 PM |
निवेश, विवाह |
| रवि योग |
06:12 AM – 07:07 PM |
सभी शुभ कार्य |
| निशिता मुहूर्त |
11:35 PM – 12:25 AM (22 Feb) |
तंत्र, मंत्र, विशेष पूजा |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| अशुभ समय |
समय |
निषेध कार्य |
| राहुकाल |
09:06 AM – 10:33 AM |
विवाह, नवीन कार्य |
| यमगण्ड |
01:27 PM – 02:55 PM |
यात्रा, महत्वपूर्ण निर्णय |
| गुलिक काल |
06:12 AM – 07:39 AM |
निवेश, खरीदारी |
| दुर्मुहूर्त |
06:12 AM – 06:59 AM |
पूजा, शुभ कार्य |
| वर्ज्य |
07:37 AM – 09:09 AM |
कोई भी शुभ कार्य |
| गण्ड मूल |
पूरे दिन |
मुण्डन, गृह प्रवेश |
| भद्रा |
06:12 AM – 01:00 PM |
माङ्गलिक कार्य |
| पञ्चक |
06:12 AM – 07:07 PM |
माङ्गलिक कार्य |
📆 अन्य कैलेण्डर एवं युग
| विवरण |
मान |
| कलियुग |
5126 वर्ष |
| कलि अहर्गण |
1872627 दिन |
| जूलियन दिनांक |
फरवरी 8, 2026 CE |
| जूलियन दिन |
2461092.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक दिनांक |
फाल्गुन 02, 1947 शक |
| राष्ट्रीय निरयण दिनांक |
फाल्गुन 09, 1947 शक |
🔔 पञ्चक रहित मुहूर्त (विशेष)
| मुहूर्त |
समय |
विवरण |
| रज पञ्चक |
06:12 AM – 07:24 AM |
साधारण कार्य |
| शुभ मुहूर्त |
07:24 AM – 08:58 AM |
शुभ कार्य, पूजा |
| शुभ मुहूर्त |
08:58 AM – 10:40 AM |
व्यापार, निवेश |
| रज पञ्चक |
10:40 AM – 12:40 PM |
सामान्य कार्य |
| शुभ मुहूर्त |
12:40 PM – 01:00 PM |
पूजा, नई शुरुआत |
| चोर पञ्चक |
01:00 PM – 02:53 PM |
चोरी, विवाद |
| शुभ मुहूर्त |
02:53 PM – 05:07 PM |
विवाह, गृह प्रवेश |
| रोग पञ्चक |
05:07 PM – 07:07 PM |
स्वास्थ्य संबंधी कार्य |
| शुभ मुहूर्त |
07:07 PM – 07:15 PM |
तंत्र मंत्र |
| मृत्यु पञ्चक |
07:15 PM – 09:23 PM |
मृत्यु संबंधी कार्य |
| अग्नि पञ्चक |
09:23 PM – 11:35 PM |
अग्नि कार्य |
| शुभ मुहूर्त |
11:35 PM – 01:49 AM (22 Feb) |
विशेष पूजा |
| रज पञ्चक |
01:49 AM – 03:55 AM (22 Feb) |
सामान्य कार्य |
| शुभ मुहूर्त |
03:55 AM – 05:44 AM (22 Feb) |
शुभ कार्य, पूजा |
| चोर पञ्चक |
05:44 AM – 06:12 AM (22 Feb) |
चोरी, विवाद |
🏠 निवास और शूल
| तत्व |
विवरण |
| होमाहुति |
बुध |
| दिशा शूल |
पूर्व |
| अग्निवास |
पृथ्वी (01:00 PM तक) |
| चन्द्र वास |
उत्तर (07:07 PM तक) |
| भद्रावास |
मृत्यु (01:00 PM तक) |
| राहु वास |
पूर्व |
| शिववास |
क्रीड़ा में (01:00 PM तक) |
🎉 दैनिक उपवास और त्यौहार
ढुण्ढिराज चतुर्थी (ढुण्ढिराज चतुर्थी)
आज ढुण्ढिराज चतुर्थी का पर्व है।
ढुण्ढिराज चतुर्थी भगवान गणेश का विशेष पर्व है, जिसमें विशेष रूप से “ढुण्ढिराज” स्वरूप की पूजा की जाती है। यह पर्व फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है।
इस दिन, भक्त गणेश जी का पूजन करते हैं, विशेष रूप से बच्चों के लिए यह पर्व महत्वपूर्ण है।
पूजन विधि:
- प्रातः स्नान के बाद गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें।
- दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर से पंचामृत तैयार करें।
- गणेश जी को पंचामृत से स्नान कराएँ।
- दूर्वा, लड्डू, मोदक अर्पित करें।
- “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जप करें।
- बच्चों को विशेष रूप से गणेश जी की कथा सुनाएँ, और उनके स्वास्थ्य व सुख के लिए प्रार्थना करें।
- शाम को आरती और प्रसाद वितरण करें।
इस दिन, बच्चों की रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए विशेष पूजा की जाती है।
🧠 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- पंचांग के अनुसार, आज गण्ड मूल, भद्रा, पञ्चक आदि योग हैं – इन योगों में माङ्गलिक कार्यों से बचना चाहिए।
- शुभ समय में पूजा, निवेश, गृह प्रवेश, व्यापार आदि करना उत्तम है।
- अशुभ काल में विवाह, यात्रा, नया कार्य आरम्भ करना वर्जित है।
- आज सूर्य-चन्द्र दोनों का योग विशेष है, जिससे आज का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- पंचांग का उपयोग दैनिक जीवन में समय प्रबंधन, शुभ-अशुभ निर्णय, व्रत, पूजा, और ज्योतिषीय गणना के लिए करें।
- पंचांग के पाँच तत्व (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी हैं।
🌐 वेबसाइट
https://www.jyotishdev.com