आज का पंचांग आपके जीवन में शुभता, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा लाने का मार्गदर्शन करता है। फाल्गुन माह की पंचमी तिथि, शुक्ल पक्ष, रविवार—यह दिन विशेष रूप से धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। स्कन्द षष्ठी व्रत, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और विडाल योग जैसे शुभ योगों का संयोग आज के दिन को और भी विशेष बनाता है। आइये, आज के पंचांग का विस्तृत विश्लेषण करें और जानें कौन से समय आपके लिए सबसे शुभ हैं!
🌅 सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
| 🌄 सूर्योदय |
06:12 AM |
| 🌙 चन्द्रोदय |
09:09 AM |
| 🌇 सूर्यास्त |
05:49 PM |
| 🌑 चन्द्रास्त |
10:30 PM |
📜 पंचांग विवरण
| तत्व |
विवरण |
गुण एवं धर्म |
| तिथि |
पंचमी (11:09 AM तक), षष्ठी |
शुभ, पूजा, उपवास |
| नक्षत्र |
अश्विनी (05:54 PM तक), भरणी |
आरंभ, ऊर्जा, नवसंचार |
| वार |
रविवार |
सूर्यदेव की पूजा, स्वास्थ्य, उन्नति |
| योग |
शुक्ल (01:09 PM तक), ब्रह्म, कौलव |
ज्ञान, सिद्धि, शुभ कार्य |
| करण |
बालव (11:09 AM तक), कौलव (10:10 PM तक), तैतिल |
शुभ कार्य, पूजा |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
वृद्धि, शुभता |
| स्थान |
Jagannath Puri, India |
|
🗓️ चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
- विक्रम सम्वत: 2082 कालयुक्त
- शक सम्वत: 1947 विश्वावसु
- गुजराती सम्वत: 2082 पिङ्गल
- चन्द्र मास: फाल्गुन (पूर्णिमान्त/अमान्त)
- बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त (03:07 PM, 25 अप्रैल 2025 तक)
🌌 राशि तथा नक्षत्र
| राशि |
नक्षत्र पद |
| चन्द्र राशि |
मेष |
| सूर्य राशि |
कुम्भ |
| सूर्य नक्षत्र |
शतभिषा (02:01 AM, 23 फरवरी तक) |
| नक्षत्र |
अश्विनी (06:32 AM तक), भरणी |
🌼 ऋतु तथा अयन
| द्रिक ऋतु | वसन्त | | वैदिक ऋतु | शिशिर | | द्रिक अयन | उत्तरायण | | वैदिक अयन | उत्तरायण | | दिनमान | 11 घंटे 37 मिनट 31 सेकंड | | रात्रिमान | 12 घंटे 21 मिनट 48 सेकंड |
📅 अन्य कैलेण्डर एवं युग
| युग |
वर्ष/दिन |
| कलियुग |
5126 वर्ष |
| कलि अहर्गण |
1872628 दिन |
| जूलियन दिन |
2461093.5 दिन |
| राष्ट्रीय नागरिक दिनांक |
फाल्गुन 03, 1947 शक |
| लाहिरी अयनांश |
24.229022 |
🪔 पञ्चक रहित मुहूर्त
| मुहूर्त |
समय |
| शुभ मुहूर्त |
06:12 AM – 07:20 AM, 10:37 AM – 11:09 AM, 02:49 PM – 05:03 PM, 05:54 PM – 07:11 PM, 09:19 PM – 11:31 PM, 01:45 AM (23 Feb) – 03:51 AM (23 Feb) |
| मृत्यु पञ्चक |
07:20 AM – 08:54 AM, 11:09 AM – 12:36 PM, 03:51 AM (23 Feb) – 05:40 AM (23 Feb) |
| रोग पञ्चक |
08:54 AM – 10:37 AM, 11:31 PM – 01:45 AM (23 Feb) |
| अग्नि पञ्चक |
12:36 PM – 02:49 PM, 05:40 AM (23 Feb) – 06:11 AM (23 Feb) |
| रज पञ्चक |
05:03 PM – 05:54 PM |
| चोर पञ्चक |
07:11 PM – 09:19 PM |
🏠 निवास और शूल
| तत्व |
विवरण |
| होमाहुति |
बुध |
| दिशा शूल |
पश्चिम |
| अग्निवास |
पृथ्वी |
| चन्द्र वास |
पूर्व |
| शिववास |
कैलाश (11:09 AM तक) |
| राहु वास |
उत्तर |
| नन्दी पर |
कुम्भ चक्र (पूर्व 05:54 PM तक), दक्षिण |
🌟 चन्द्रबलम & ताराबलम
- मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ राशि वालों के लिए आज चन्द्रबलम उत्तम।
- भरणी, कृतिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, अश्लेषा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा, धनिष्ठा, पूर्व भाद्रपद, रेवती नक्षत्र वालों के लिए ताराबलम 05:54 PM तक उत्तम।
- अश्विनी, कृतिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपद वालों के लिए अगले दिन सूर्योदय तक उत्तम।
🕰️ शुभ समय (Auspicious Timings)
| समय |
कार्य |
| ब्रह्म मुहूर्त (04:32 AM – 05:22 AM) |
पूजा, ध्यान, मंत्र जप, धार्मिक कार्य |
| प्रातः सन्ध्या (04:57 AM – 06:12 AM) |
सूर्य नमस्कार, संध्या वंदन |
| अभिजित मुहूर्त (11:37 AM – 12:24 PM) |
कोई भी शुभ कार्य, पूजा, व्यापार |
| विजय मुहूर्त (01:57 PM – 02:43 PM) |
यात्रा आरंभ, नए कार्य की शुरुआत |
| गोधूलि मुहूर्त (05:47 PM – 06:12 PM) |
गृह प्रवेश, पूजा, शुभ कार्य |
| अमृत काल (11:04 AM – 12:35 PM) |
विवाह, शुभ कार्य |
| सायाह्न सन्ध्या (05:49 PM – 07:03 PM) |
संध्या वंदन, पूजा |
| सर्वार्थ सिद्धि योग (06:12 AM – 05:54 PM) |
कोई भी कार्य, विशेष पूजा, व्यापार |
| रवि योग (05:54 PM – 06:11 AM, 23 Feb) |
पूजा, नए कार्य |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| समय |
निषेध कार्य |
| राहुकाल (04:22 PM – 05:49 PM) |
विवाह, गृह प्रवेश, कोई शुभ कार्य |
| यमगण्ड (12:00 PM – 01:27 PM) |
नए कार्य आरंभ |
| गुलिक काल (02:55 PM – 04:22 PM) |
निवेश, यात्रा |
| विडाल योग (05:54 PM – 06:11 AM, 23 Feb) |
शुभ कार्य |
| वर्ज्य (02:06 PM – 03:37 PM) |
पूजा, शुभ कार्य |
| दुर्मुहूर्त (04:16 PM – 05:03 PM) |
नए कार्य, निवेश |
| गण्ड मूल (06:12 AM – 05:54 PM) |
शुभ कार्य |
| बाण (02:01 AM, 23 Feb से पूर्ण रात्रि तक) |
शुभ कार्य |
🎉 दैनिक उपवास और त्यौहार
स्कन्द षष्ठी 🌺
महत्व:
स्कन्द षष्ठी भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) की पूजा का दिन है। दक्षिण भारत में यह त्यौहार विशेष रूप से मनाया जाता है, जहां भक्त भगवान स्कन्द की पूजा करते हैं और उपवास रखते हैं। यह व्रत संतान सुख, स्वास्थ्य और शौर्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
पूजा विधि:
- प्रातः स्नान के बाद भगवान स्कन्द की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करें।
- पुष्प, फल, दूध, शहद, और नैवेद्य अर्पित करें।
- स्कन्द षष्ठी स्तोत्र, कार्तिकेय मंत्र का जप करें।
- उपवास रखें या फलाहार करें।
- शाम को आरती और भजन करें।
- मंदिर में जाकर विशेष पूजा करें।
- दक्षिण भारत में स्कन्द षष्ठी पर मंदिरों में विशेष समारोह, अभिषेक, और रथ यात्रा होती है।
महत्वपूर्ण:
इस दिन भगवान स्कन्द से संतान सुख, स्वास्थ्य और विजय की प्रार्थना की जाती है। उपवास रखने से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है।
🧠 अन्य जानकारी
- आज सर्वार्थ सिद्धि योग एवं रवि योग का संयोग है, जिससे कोई भी शुभ कार्य अत्यंत फलदायी रहेगा।
- गण्ड मूल नक्षत्र का समय है, अतः इस दौरान जन्मे शिशुओं के लिए विशेष पूजा का विधान है।
- पंचक रहित मुहूर्त का ध्यान रखें, मंगली कार्य पंचक में न करें।
- दिशा शूल पश्चिम है, अतः यात्रा या कार्य करते समय दिशा का ध्यान रखें।
- चन्द्रबलम व ताराबलम का उपयोग शुभ कार्यों में करें।