शादी सिर्फ दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का संगम है, जिसकी नींव शुभता और सही समय पर रखी जाती है। भारतीय संस्कृति में, विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार को संपन्न करने से पहले ‘विवाह मुहूर्त’ का निर्धारण अत्यंत आवश्यक माना जाता है। वर्ष 2026 में अपनी जीवन यात्रा शुरू करने वाले जोड़ों के लिए, विवाह मुहूर्त 2026 की तलाश स्वाभाविक है। यह लेख आपको शादी की शुभ तिथि 2026, विवाह लग्न 2026 और शादी का शुभ समय जानने में मदद करेगा, ताकि आपका नया जीवन सामंजस्य और खुशियों से भरा हो। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर तैयार किया गया यह विवाह पंचांग 2026, आपको उन सबसे शुभ दिनों और क्षणों की जानकारी देगा, जब ग्रह-नक्षत्रों का संयोजन आपके वैवाहिक जीवन के लिए सर्वाधिक अनुकूल होगा।
कल्पना कीजिए, एक जोड़े की कहानी – राहुल और प्रिया की। उन्होंने कई साल पहले एक ज्योतिषी से सलाह लिए बिना एक अच्छी दिखने वाली तारीख पर शादी कर ली। सब कुछ अच्छा था, लेकिन कुछ ही समय बाद, उन्हें अपने रिश्ते में अनचाही चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बाद में जब उन्होंने एक अनुभवी ज्योतिषी से सलाह ली, तो पता चला कि उनकी शादी ऐसे समय पर हुई थी जब कुछ ग्रह प्रतिकूल स्थिति में थे। यह केवल एक कहानी नहीं, बल्कि हजारों जोड़ों की सच्चाई है जो सही मुहूर्त के महत्व को नहीं समझते। इसलिए, हम आपको 2026 में ऐसे ही किसी अनुभव से बचाने के लिए यहां हैं, ताकि आपकी शादी एक मजबूत और भाग्यशाली नींव पर खड़ी हो सके।
Key Takeaways
- कुल शुभ मुहूर्त: वर्ष 2026 में विवाह के लिए कुल 59 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं, जो गुरु और शुक्र की अनुकूल स्थिति पर आधारित हैं [3, 1]।
- सबसे अनुकूल अवधि: जनवरी-फरवरी, अप्रैल के अंत से जून तक, और नवंबर-दिसंबर के महीने विवाह के लिए सर्वाधिक शुभ माने जाते हैं [4]।
- खरमास का प्रभाव: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 (मकर संक्रांति) तक और 14 मार्च से 13 अप्रैल 2026 तक खरमास रहेगा, जिसमें विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं [3]।
- शुक्र अस्त की अवधि: फरवरी की शुरुआत में शुक्र के अस्त रहने के कारण 3 फरवरी 2026 तक विवाह मुहूर्त नहीं हैं; 4 फरवरी से विवाह शुरू होंगे [3]।
- व्यक्तिगत कुंडली का महत्व: हालांकि सामान्य शुभ तिथियां दी गई हैं, सर्वोत्तम परिणामों के लिए अपनी व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त का मिलान करवाना अनिवार्य है [4]। प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक ही मुहूर्त उपयुक्त नहीं होता।
विवाह मुहूर्त 2026: महीने-वार शुभ तिथियां

वैदिक ज्योतिष में, विवाह के लिए शुभ मुहूर्त का चयन कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे तिथि, नक्षत्र, योग, करण, चंद्र बल, और गुरु (बृहस्पति) व शुक्र (शुक्र) का बल [1]। इन सभी के संतुलन से ही एक आदर्श शादी का शुभ समय निर्धारित होता है। वर्ष 2026 में, ग्रहों की चाल और पंचांग की गणनाओं के अनुसार, कुछ विशेष तिथियां विवाह के लिए अत्यधिक शुभ मानी गई हैं। आइए, 2026 के प्रत्येक महीने में विवाह के लिए उपलब्ध शुभ तिथियों पर एक नज़र डालें।
यह महत्वपूर्ण है कि फरवरी 2026 की शुरुआत में, शुक्र ग्रह 3 फरवरी तक अस्त रहेगा, जिसके कारण विवाह मुहूर्त 4 फरवरी से ही प्रारंभ होंगे [3]। इसके अतिरिक्त, खरमास की अवधि, जिसमें सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, विवाह के लिए प्रतिकूल मानी जाती है। वर्ष 2026 में, पहला खरमास 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक रहेगा, और दूसरा खरमास 14 मार्च से 13 अप्रैल 2026 तक रहेगा [3]। इन अवधियों में विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
अशुभ समय से बचकर, शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह जीवन भर सुख और समृद्धि लाता है। सही विवाह लग्न 2026 का चुनाव आपके वैवाहिक बंधन को और मजबूत बनाता है।
विवाह के लिए वर्ष 2026 में कुल 59 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं [3]। इन शुभ मुहूर्तों को नीचे दी गई तालिका में विस्तार से समझाया गया है:
| महीना | शुभ तिथियां (दिनांक) | विशेष नोट |
|---|---|---|
| जनवरी 2026 | कोई मुहूर्त नहीं | 15 जनवरी तक खरमास (अशुभ) के कारण विवाह वर्जित हैं [3]। |
| फरवरी 2026 | 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 | शुक्र 3 फरवरी तक अस्त रहेगा; इसलिए विवाह 4 फरवरी से शुरू होंगे [3]। कुल 12 शुभ तिथियां [3]। |
| मार्च 2026 | 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 12 | होलाष्टक (फरवरी के अंत से 4 मार्च तक) के कारण प्रतिबंध है, हालांकि कुछ तिथियां उपलब्ध हैं [3]। कुल 8 शुभ तिथियां [3]। |
| अप्रैल 2026 | 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28, 29 | 27 अप्रैल को वर्ष 2026 के सबसे मजबूत विवाह मुहूर्तों में से एक माना जा रहा है [4]। कुल 8 शुभ तिथियां [3]। |
| मई 2026 | 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 | मई का महीना प्रेम विवाह और अरेंज मैरिज दोनों के लिए बहुत शुभ संकेत दे रहा है [4]। कुल 8 शुभ तिथियां [3]। |
| जून 2026 | 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 | इस महीने में सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले कई अनुकूल समय हैं [3]। कुल 8 शुभ तिथियां [3]। |
| जुलाई 2026 | 1, 6, 7, 11 | देवशयनी एकादशी के कारण 11 जुलाई के बाद से देव उठनी एकादशी तक विवाह मुहूर्त नहीं होंगे। कुल 4 शुभ तिथियां [3]। |
| अगस्त 2026 | कोई मुहूर्त नहीं | चातुर्मास के कारण विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित हैं। |
| सितंबर 2026 | कोई मुहूर्त नहीं | चातुर्मास जारी रहेगा। |
| अक्टूबर 2026 | कोई मुहूर्त नहीं | चातुर्मास का अंतिम चरण। |
| नवंबर 2026 | 21, 24, 25, 26 | देव उठनी एकादशी के बाद विवाह मुहूर्त फिर से शुरू होंगे। कुल 4 शुभ तिथियां [3]। |
| दिसंबर 2026 | 4, 5, 6 | 4, 5, 6 दिसंबर को सर्वोत्तम मुहूर्त माने जा रहे हैं [3]। 16 दिसंबर को खरमास शुरू हो जाएगा, जिससे आगे विवाह नहीं होंगे [3]। |
👆 यह तालिका आपको वर्ष 2026 के लिए विवाह के लिए महत्वपूर्ण तिथियों का एक स्पष्ट अवलोकन देती है। हालांकि, यह याद रखना आवश्यक है कि ये सामान्य शुभ तिथियां हैं। एक व्यक्ति की कुंडली के आधार पर मुहूर्त में भिन्नता आ सकती है। अधिक सटीक जानकारी के लिए, एक अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना हमेशा श्रेयस्कर होता है।
शुभ अवधि का महत्व:
साल 2026 में, जनवरी-फरवरी, अप्रैल के अंत से जून तक, और नवंबर-दिसंबर के महीने विवाह के लिए सबसे ज्यादा शुभ रहेंगे [4]। इन अवधियों में गुरु और शुक्र दोनों की स्थिति मजबूत और अनुकूल होती है, जो वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और स्थायित्व लाती है। इन महीनों में ग्रहों का गोचर भी विवाह के लिए सकारात्मक प्रभाव डालता है। उदाहरण के लिए, जून 2026 में बृहस्पति कर्क राशि में गोचर करेगा, जो विवाह के लिए अत्यधिक अनुकूल माना जाता है। जून 2026 में बृहस्पति के कर्क गोचर के बारे में अधिक जानने के लिए, आप हमारे ब्लॉग पर जा सकते हैं।
व्यक्तिगत कुंडली और विवाह लग्न 2026: एक गहन विश्लेषण
सिर्फ वर्ष के शुभ दिनों की सूची देख लेना ही काफी नहीं है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विवाह लग्न 2026 का निर्धारण और शादी का शुभ समय चुनना एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें व्यक्तिगत कुंडली का गहन विश्लेषण शामिल होता है। हर व्यक्ति के लिए एक ही मुहूर्त उपयुक्त नहीं होता, क्योंकि उनकी जन्म कुंडली, दशा और ग्रह प्रभाव भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं [4]।
विवाह मुहूर्त का चयन करते समय, निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है:
- वर-वधू की जन्म कुंडली का मिलान: सबसे पहले, वर और वधू की जन्म कुंडली का मिलान किया जाता है, जिसे ‘कुंडली मिलान’ या ‘गुण मिलान’ भी कहते हैं। इसमें 36 गुणों का मिलान किया जाता है। यदि गुण मिलान अच्छा हो, तभी आगे विवाह की प्रक्रिया पर विचार किया जाता है। कुंडली मिलान के 18 गुणों और 5 जरूरी तथ्यों के बारे में विस्तार से जानें।
- ग्रहों की स्थिति: ज्योतिषी विवाह के समय गुरु और शुक्र की स्थिति का विशेष ध्यान रखते हैं [1]। बृहस्पति (गुरु) पति या पत्नी के सुख और संतान का कारक होता है, जबकि शुक्र प्रेम, रोमांस और भौतिक सुखों का कारक है। यदि ये ग्रह कमजोर या अस्त हों, तो विवाह मुहूर्त नहीं बनता।
- लग्न और नवमांश: लग्न कुंडली के साथ-साथ नवमांश कुंडली भी विवाह के लिए महत्वपूर्ण होती है। नवमांश कुंडली को विवाह और वैवाहिक जीवन का कारक माना जाता है। विवाह के समय लग्न और नवमांश का बलवान होना अत्यंत आवश्यक है।
- दशा और अंतर्दशा: व्यक्तिगत दशा और अंतर्दशा भी विवाह मुहूर्त के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यदि व्यक्ति की दशा विवाह के लिए अनुकूल न हो, तो शुभ मुहूर्त में भी कठिनाइयां आ सकती हैं।
- नक्षत्र और तिथि: मुहूर्त निकालते समय नक्षत्रों और तिथियों का सामंजस्य देखा जाता है। कुछ नक्षत्र विवाह के लिए अत्यधिक शुभ माने जाते हैं, जैसे रोहिणी, मृगशिरा, मघा, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती आदि। इसी तरह, कुछ तिथियां जैसे द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी विवाह के लिए शुभ होती हैं [5]।
- अशुभ योगों से बचाव: कुछ योग जैसे वैधृति, व्यतिपात, गंडांत, विषघटी, रिक्ता तिथि आदि विवाह के लिए अशुभ माने जाते हैं। ज्योतिषी ऐसे योगों से बचने का प्रयास करते हैं।
उदाहरण के लिए, मेरी एक मित्र की बहन की शादी तय हुई थी। परिवार ने जल्दी में एक ‘अच्छी दिखने वाली’ तारीख चुन ली, लेकिन किसी ज्योतिषी से सलाह नहीं ली। शादी के कुछ ही हफ्तों बाद, परिवार को कई स्वास्थ्य संबंधी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ा। बाद में, जब उन्होंने एक ज्योतिषी से बात की, तो पता चला कि शादी ऐसे ‘लग्न’ में हुई थी, जब कुछ ग्रह प्रतिकूल थे, जिसके कारण ‘मांगलिक दोष’ जैसी स्थिति बन रही थी। यदि उन्होंने पहले ही मांगलिक दोष के सच को समझा होता और सही विवाह लग्न 2026 का चयन किया होता, तो शायद इन समस्याओं से बचा जा सकता था। यह अनुभव दर्शाता है कि केवल तारीख नहीं, बल्कि ‘सही समय’ कितना महत्वपूर्ण है।
ज्योतिषी से परामर्श क्यों आवश्यक है?
एक कुशल ज्योतिषी आपकी जन्म कुंडली का विश्लेषण करके न केवल वर्ष 2026 के सामान्य शुभ मुहूर्तों में से सबसे उपयुक्त तिथि का चयन कर सकता है, बल्कि वे व्यक्तिगत कुंडली में विवाह संबंधित दोषों (जैसे मंगल दोष, कालसर्प दोष) का भी पता लगा सकते हैं और उनके निवारण के लिए उपयुक्त उपाय सुझा सकते हैं [4]। यह सुनिश्चित करता है कि आपका वैवाहिक जीवन न केवल शुभ मुहूर्त में शुरू हो, बल्कि दीर्घकालिक सुख और समृद्धि के साथ चले। यदि आपकी शादी में देरी हो रही है, तो शादी में देरी के 7 ज्योतिषीय कारण और समाधान पर हमारा लेख आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
चातुर्मास और खरमास का प्रभाव
जैसा कि पहले बताया गया है, वर्ष 2026 में चातुर्मास और खरमास की अवधि के दौरान विवाह नहीं किए जा सकते [3]।
- खरमास: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक और 14 मार्च से 13 अप्रैल 2026 तक [3]। इस अवधि में सूर्य धनु या मीन राशि में होता है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
- चातुर्मास: जुलाई के मध्य में देवशयनी एकादशी से शुरू होकर नवंबर में देव उठनी एकादशी तक चलता है। इस अवधि में भगवान विष्णु शयन मुद्रा में होते हैं, और इसलिए विवाह जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं। जुलाई 2026 में 11 तारीख के बाद से चातुर्मास शुरू हो जाएगा, जिसके बाद सीधा नवंबर में ही विवाह मुहूर्त उपलब्ध होंगे [3]।
इन अवधियों को समझना और उनका सम्मान करना ज्योतिषीय परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
आपके विवाह को सफल बनाने के लिए अतिरिक्त ज्योतिषीय विचार
विवाह मुहूर्त का चयन करते समय, कुछ अन्य बातें भी ध्यान में रखी जानी चाहिए:
- स्थानीय पंचांग: विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय पंचांग के अनुसार तिथियों और मुहूर्तों में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए, अपने स्थानीय ज्योतिषी से सलाह लेना महत्वपूर्ण है [4]।
- गृह प्रवेश: विवाह के बाद गृह प्रवेश का मुहूर्त भी महत्वपूर्ण होता है। एक शुभ गृह प्रवेश नए जीवन की शुरुआत में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
- ग्रह गोचर: शनि, राहु और केतु जैसे भारी ग्रहों का गोचर भी विवाह मुहूर्त पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डाल सकता है। उदाहरण के लिए, राहु-केतु अक्ष का आपके जीवन पर क्रांतिकारी बदलाव पर हमारा लेख आपको इनके प्रभावों को समझने में मदद करेगा।
- अखंड सौभाग्य: शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह न केवल दांपत्य जीवन में खुशियां लाता है, बल्कि परिवार में सौभाग्य और समृद्धि भी बढ़ाता है।
सही विवाह मुहूर्त 2026 और शादी का शुभ समय का चुनाव करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो हजारों वर्षों के ज्योतिषीय ज्ञान पर आधारित है। यह आपके नए जीवन की नींव को मजबूत और स्थिर बनाता है, ताकि आप अपने जीवनसाथी के साथ सामंजस्यपूर्ण और आनंदमय जीवन जी सकें।
निष्कर्ष

वर्ष 2026 में अपने विवाह की योजना बना रहे जोड़ों के लिए, विवाह मुहूर्त 2026 की तलाश एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। हमने इस लेख में शादी की शुभ तिथि 2026, विवाह लग्न 2026 और शादी का शुभ समय के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की है, साथ ही उन अवधियों पर भी प्रकाश डाला है जो विवाह के लिए प्रतिकूल हैं, जैसे खरमास और चातुर्मास। कुल 59 शुभ मुहूर्त पूरे वर्ष में फैले हुए हैं [3], विशेष रूप से फरवरी, अप्रैल के अंत से जून तक, और नवंबर-दिसंबर के महीने अत्यधिक अनुकूल माने जाते हैं [4]।
हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि ये सामान्य शुभ तिथियां हैं। एक सफल और सामंजस्यपूर्ण वैवाहिक जीवन के लिए, इन सामान्य मुहूर्तों को अपनी व्यक्तिगत जन्म कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार मिलाना अत्यंत आवश्यक है [4]। प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा और योग भिन्न होते हैं, जो उनके लिए सबसे उपयुक्त मुहूर्त को प्रभावित करते हैं। एक योग्य ज्योतिषी आपको आपकी कुंडली के आधार पर सबसे सटीक और व्यक्तिगत विवाह पंचांग 2026 प्रदान कर सकता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि आपका विवाह ऐसे शुभ क्षण में हो जो आपके जीवन में सुख, समृद्धि और स्थायित्व लाए।
याद रखें, विवाह एक पवित्र बंधन है, और इसकी शुरुआत सही मुहूर्त में करना भविष्य की खुशियों की नींव रखता है। इसलिए, अपनी शादी के लिए एक सही शादी का शुभ समय चुनने में कोई जल्दबाजी न करें, बल्कि विशेषज्ञ ज्योतिषीय मार्गदर्शन लें। यह आपके वैवाहिक जीवन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और आपको एक सुखी और समृद्ध भविष्य प्रदान करेगा। अपनी व्यक्तिगत कुंडली के विस्तृत विश्लेषण के लिए, आज ही एक ज्योतिषी से संपर्क करें!
References
[1] Vivah Muhurat 2026 All Vahan Kharidne Ka Muhurat 2026 And Griha Pravesh Muhurat 2026 In Hindi 201767339269566 – https://www.livehindustan.com/astrology/vivah-muhurat-2026-all-vahan-kharidne-ka-muhurat-2026-and-griha-pravesh-muhurat-2026-in-hindi-201767339269566.html
[2] Watch – https://www.youtube.com/watch?v=szwoPcXLGm8
[3] Shaddi Vivah Muhurat List 2026 Shubh Tithi Dates For Hindu Weddings In New Year Tvisg Dskc 2372996 2025 11 19 – https://www.aajtak.in/religion/news/story/shaddi-vivah-muhurat-list-2026-shubh-tithi-dates-for-hindu-weddings-in-new-year-tvisg-dskc-2372996-2025-11-19
[4] Vivah Muhurat 2026 Marriage Dates Shubh Tithi Shubh Yog For Your Wedding Kharmas 3657590 – https://www.tv9hindi.com/religion/vivah-muhurat-2026-marriage-dates-shubh-tithi-shubh-yog-for-your-wedding-kharmas-3657590.html
[5] Shubh Marriage Dates With Muhurat – https://www.drikpanchang.com/shubh-dates/shubh-marriage-dates-with-muhurat.html?lang=hi


