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आज, 26 सितंबर 2026, शनिवार के दिन की ऊर्जा एक विशेष आध्यात्मिक महत्व लिए हुए है, जो हमें अपने पूर्वजों से जुड़ने और आंतरिक शांति प्राप्त करने का अवसर प्रदान कर रही है। यह भाद्रपद पूर्णिमा का पावन दिन है, जब पितृ पक्ष का आरंभ हो रहा है।
🌞 सूर्य और चंद्रमा (Sun & Moon)
| घटना | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| सूर्योदय | सुबह 06:11 AM |
| सूर्यास्त | शाम 06:13 PM |
| चंद्रोदय | शाम 05:50 PM |
| चंद्रास्त | अगले दिन सुबह 05:32 AM (27 सितंबर) |
📅 आज का पंचांग (Panchang Details)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तिथि | पूर्णिमा अगले दिन रात 10:18 PM तक, उसके बाद कृष्ण पक्ष प्रतिपदा |
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपद दोपहर 11:32 AM तक, उसके बाद उत्तरा भाद्रपद |
| योग | गण्ड दोपहर 01:17 PM तक, उसके बाद वृद्धि |
| करण | विष्टि (भद्रा) सुबह 10:46 AM तक, उसके बाद बव रात 10:18 PM तक, फिर बालव |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष (पूर्णिमा) |
| ऋतु | शरद (शरद ऋतु) |
| अयन | दक्षिणायन |
✨ शुभ मुहूर्त (Auspicious Times)
| मुहूर्त का नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 11:48 AM से 12:36 PM तक |
| अमृत काल | आज के लिए स्पष्ट अमृत काल उपलब्ध नहीं है। |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 04:29 AM से 05:18 AM तक |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Times)
| नाम | समय (जगन्नाथ पुरी, ओडिशा) |
|---|---|
| राहुकाल | सुबह 09:12 AM से 10:42 AM तक |
| यमगंड | दोपहर 01:42 PM से 03:13 PM तक |
| गुलिकई कालम | सुबह 06:11 AM से 07:42 AM तक |
🕉️ व्रत और त्यौहार (Festivals)
आज 26 सितंबर 2026, शनिवार को भाद्रपद पूर्णिमा है. यह दिन भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि है, जिसके बाद कृष्ण पक्ष का आरंभ होता है. आज से ही पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष का आरंभ होता है, जो हमारे पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और उनका तर्पण करने का एक महत्वपूर्ण काल है. इस दिन पूर्णिमा श्राद्ध किया जाता है.
जो लोग अपने पितरों का पिंडदान करना चाहते हैं, उनके लिए जगन्नाथ पुरी में श्राद्ध का विशेष महत्व है. यह माना जाता है कि पुरी में पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और वे जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाते हैं.
आज के दिन श्री सत्यनारायण पूजा और उमा महेश्वर व्रत भी किए जा सकते हैं, जो पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुभ माने जाते हैं. भक्तों को इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान करने और अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना करने की सलाह दी जाती है.
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