आज का पंचांग 04 फरवरी 2026, बुधवार

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise & Moonrise)

घटना समय
सूर्योदय 06:21 AM
सूर्यास्त 05:40 PM
चन्द्रोदय 08:04 PM
चन्द्रास्त 07:56 AM (अगले दिन)

📅 पंचांग विवरण (Panchang Details)

पंचांग तत्व विवरण गुण एवं धर्म
तिथि तृतीया (12:09 AM, 05 फरवरी तक) शुभ तिथि, कार्यों के लिए अनुकूल
नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी (10:12 PM तक) समृद्धि और सौभाग्य का नक्षत्र
योग अतिगण्ड (01:05 AM, 05 फरवरी तक) सामान्य योग, विशेष शुभता नहीं
करण वणिज (12:19 PM तक), विष्टि (12:09 AM, 05 फरवरी तक) वणिज करण शुभ, विष्टि करण अशुभ
वार बुधवार बुद्ध का दिन, ज्ञान और व्यापार के लिए शुभ
पक्ष कृष्ण पक्ष व्रत एवं उपवास के लिए उपयुक्त
स्थान जगन्नाथ पुरी, भारत

🌕 चन्द्र मास, संवत एवं बृहस्पति संवत्सर

  • चन्द्र मास: फाल्गुन (पूर्णिमान्त)
  • विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
  • बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त (25 अप्रैल 2025 तक)

♌ राशि तथा नक्षत्र (Moon Sign & Nakshatra)

  • चन्द्र राशि: सिंह (04:20 AM, 05 फरवरी तक)
  • चन्द्र नक्षत्र पद: पूर्वाफाल्गुनी (10:06 AM तक), कन्या राशि में
  • सूर्य राशि: मकर
  • सूर्य नक्षत्र: श्रवण (उत्तराफाल्गुनी तक 04:20 AM, 05 फरवरी)

🌿 ऋतु तथा अयन (Season & Solstice)

  • द्रिक ऋतु: शिशिर (शीत ऋतु)
  • वैदिक ऋतु: शिशिर
  • द्रिक अयन: उत्तरायण
  • वैदिक अयन: उत्तरायण

🌟 शुभ समय (Auspicious Timings)

शुभ मुहूर्त समय उपयुक्त कार्य
ब्रह्म मुहूर्त 04:40 AM – 05:30 AM प्रातः पूजन, अध्ययन, धार्मिक क्रियाएँ
प्रातः संध्या 05:05 AM – 06:21 AM संध्या वंदन, ध्यान, आराधना
विजय मुहूर्त 01:54 PM – 02:39 PM यात्रा प्रारंभ, व्यापार, महत्वपूर्ण कार्य आरंभ
गोधूली मुहूर्त 05:38 PM – 06:04 PM संध्या पूजा, ध्यान, शांति और स्वास्थ्य के लिए
अमृत काल 03:48 PM – 05:24 PM शुभ कार्य, दान, विवाह आदि
निशिता मुहूर्त 11:35 PM – 12:26 AM मंत्र जाप, ध्यान, शुभ संकल्प

⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)

अशुभ काल समय निषेध कार्य
राहुकाल 12:01 PM – 01:26 PM नए कार्यों की शुरुआत, यात्रा, निवेश न करें
यमगण्ड 07:46 AM – 09:11 AM शुभ कार्य टालें
गुलिक काल 10:36 AM – 12:01 PM महत्वपूर्ण कार्यों से बचें
विडाल योग 06:21 AM – 10:12 PM विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार में सावधानी रखें
वर्ज्य 05:38 AM – 07:17 AM मांगलिक कार्य वर्जित
दुर्मुहूर्त 11:38 AM – 12:23 PM शुभ कार्य टालें
भद्रा 12:19 PM – 12:09 AM मांगलिक कार्य, यात्रा वर्जित

📜 अन्य कैलेंडर एवं युग (Other Calendars & Eras)

  • कलियुग वर्ष: 5126
  • शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
  • जूलियन दिनांक: 2461075.5
  • राष्ट्रीय नागरिक दिनांक: माघ 15, 1947 शक
  • लाहिरी अयनांश: 24.228334

🕉️ पंचक रहित मुहूर्त (Detailed Panchak Free Muhurat)

आज के दिन कई शुभ और अशुभ पंचक काल हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।
मुहूर्त प्रकार समय टिप्पणी
शुभ मुहूर्त 06:21 AM – 06:55 AM शुभ कार्यों के लिए उत्तम
रोग पंचक 06:55 AM – 08:31 AM रोग संबंधी प्रभाव, सावधानी आवश्यक
शुभ मुहूर्त 08:31 AM – 10:04 AM शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त
शुभ मुहूर्त 10:04 AM – 11:47 AM शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त
रोग पंचक 11:47 AM – 01:47 PM रोग संबंधी प्रभाव, नए कार्य टालें
शुभ मुहूर्त 01:47 PM – 04:00 PM शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त
मृत्यु पंचक 04:00 PM – 06:13 PM अत्यंत अशुभ, कोई शुभ कार्य न करें
अग्नि पंचक 06:13 PM – 08:22 PM अग्नि संबंधी अशुभ काल
शुभ मुहूर्त 08:22 PM – 10:12 PM शुभ कार्यों के लिए उत्तम
रज पंचक 10:12 PM – 10:30 PM अशुभ काल, मांगलिक कार्य वर्जित
शुभ मुहूर्त 10:30 PM – 12:09 AM (05 फरवरी) शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त
चोर पंचक 12:09 AM – 12:42 AM अशुभ काल, सावधानी आवश्यक
शुभ मुहूर्त 12:42 AM – 02:56 AM शुभ कार्यों के लिए उत्तम
रोग पंचक 02:56 AM – 05:02 AM रोग संबंधी प्रभाव, नए कार्य टालें
शुभ मुहूर्त 05:02 AM – 06:21 AM शुभ कार्यों के लिए उत्तम

🏠 निवास और शूल (Residences & Shool)

  • होमाहुति: मंगल
  • दिशा शूल: उत्तर
  • अग्निवास: पृथ्वी
  • नक्षत्र शूल: उत्तर (10:12 PM तक)
  • भद्रावास: मृत्यु (12:19 PM – 12:09 AM, 05 फरवरी तक)
  • चन्द्र वास: पूर्व (04:20 AM तक)
  • शिववास: क्रीड़ा में (12:09 AM तक)
  • राहु वास: दक्षिण-पश्चिम
  • कुम्भ चक्र: उत्तर (10:12 PM तक)

📅 दैनिक उपवास और त्यौहार (Daily Fasts and Festivals)

आज कोई विशेष व्रत या त्यौहार पंचांग में उल्लिखित नहीं है।

🔍 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • पंचांग का उपयोग धार्मिक क्रियाओं, शुभ मुहूर्त निर्धारण, व्रत, पूजा, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश आदि के लिए किया जाता है।
  • राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल जैसे अशुभ समय में कोई भी शुभ कार्य आरंभ न करें।
  • ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त में जागरण और पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
  • पंचांग के पाँच मूल तत्व (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) के आधार पर मुहूर्त तय किया जाता है।

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