सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise & Moonrise)
| घटना |
समय |
| सूर्योदय |
06:21 AM |
| सूर्यास्त |
05:40 PM |
| चन्द्रोदय |
08:04 PM |
| चन्द्रास्त |
07:56 AM (अगले दिन) |
📅 पंचांग विवरण (Panchang Details)
| पंचांग तत्व |
विवरण |
गुण एवं धर्म |
| तिथि |
तृतीया (12:09 AM, 05 फरवरी तक) |
शुभ तिथि, कार्यों के लिए अनुकूल |
| नक्षत्र |
पूर्वाफाल्गुनी (10:12 PM तक) |
समृद्धि और सौभाग्य का नक्षत्र |
| योग |
अतिगण्ड (01:05 AM, 05 फरवरी तक) |
सामान्य योग, विशेष शुभता नहीं |
| करण |
वणिज (12:19 PM तक), विष्टि (12:09 AM, 05 फरवरी तक) |
वणिज करण शुभ, विष्टि करण अशुभ |
| वार |
बुधवार |
बुद्ध का दिन, ज्ञान और व्यापार के लिए शुभ |
| पक्ष |
कृष्ण पक्ष |
व्रत एवं उपवास के लिए उपयुक्त |
| स्थान |
जगन्नाथ पुरी, भारत |
|
🌕 चन्द्र मास, संवत एवं बृहस्पति संवत्सर
- चन्द्र मास: फाल्गुन (पूर्णिमान्त)
- विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
- बृहस्पति संवत्सर: कालयुक्त (25 अप्रैल 2025 तक)
♌ राशि तथा नक्षत्र (Moon Sign & Nakshatra)
- चन्द्र राशि: सिंह (04:20 AM, 05 फरवरी तक)
- चन्द्र नक्षत्र पद: पूर्वाफाल्गुनी (10:06 AM तक), कन्या राशि में
- सूर्य राशि: मकर
- सूर्य नक्षत्र: श्रवण (उत्तराफाल्गुनी तक 04:20 AM, 05 फरवरी)
🌿 ऋतु तथा अयन (Season & Solstice)
- द्रिक ऋतु: शिशिर (शीत ऋतु)
- वैदिक ऋतु: शिशिर
- द्रिक अयन: उत्तरायण
- वैदिक अयन: उत्तरायण
🌟 शुभ समय (Auspicious Timings)
| शुभ मुहूर्त |
समय |
उपयुक्त कार्य |
| ब्रह्म मुहूर्त |
04:40 AM – 05:30 AM |
प्रातः पूजन, अध्ययन, धार्मिक क्रियाएँ |
| प्रातः संध्या |
05:05 AM – 06:21 AM |
संध्या वंदन, ध्यान, आराधना |
| विजय मुहूर्त |
01:54 PM – 02:39 PM |
यात्रा प्रारंभ, व्यापार, महत्वपूर्ण कार्य आरंभ |
| गोधूली मुहूर्त |
05:38 PM – 06:04 PM |
संध्या पूजा, ध्यान, शांति और स्वास्थ्य के लिए |
| अमृत काल |
03:48 PM – 05:24 PM |
शुभ कार्य, दान, विवाह आदि |
| निशिता मुहूर्त |
11:35 PM – 12:26 AM |
मंत्र जाप, ध्यान, शुभ संकल्प |
⚠️ अशुभ समय (Inauspicious Timings)
| अशुभ काल |
समय |
निषेध कार्य |
| राहुकाल |
12:01 PM – 01:26 PM |
नए कार्यों की शुरुआत, यात्रा, निवेश न करें |
| यमगण्ड |
07:46 AM – 09:11 AM |
शुभ कार्य टालें |
| गुलिक काल |
10:36 AM – 12:01 PM |
महत्वपूर्ण कार्यों से बचें |
| विडाल योग |
06:21 AM – 10:12 PM |
विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार में सावधानी रखें |
| वर्ज्य |
05:38 AM – 07:17 AM |
मांगलिक कार्य वर्जित |
| दुर्मुहूर्त |
11:38 AM – 12:23 PM |
शुभ कार्य टालें |
| भद्रा |
12:19 PM – 12:09 AM |
मांगलिक कार्य, यात्रा वर्जित |
📜 अन्य कैलेंडर एवं युग (Other Calendars & Eras)
- कलियुग वर्ष: 5126
- शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
- जूलियन दिनांक: 2461075.5
- राष्ट्रीय नागरिक दिनांक: माघ 15, 1947 शक
- लाहिरी अयनांश: 24.228334
🕉️ पंचक रहित मुहूर्त (Detailed Panchak Free Muhurat)
आज के दिन कई शुभ और अशुभ पंचक काल हैं, जिनका ध्यान रखना आवश्यक है।
| मुहूर्त प्रकार |
समय |
टिप्पणी |
| शुभ मुहूर्त |
06:21 AM – 06:55 AM |
शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
| रोग पंचक |
06:55 AM – 08:31 AM |
रोग संबंधी प्रभाव, सावधानी आवश्यक |
| शुभ मुहूर्त |
08:31 AM – 10:04 AM |
शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
| शुभ मुहूर्त |
10:04 AM – 11:47 AM |
शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
| रोग पंचक |
11:47 AM – 01:47 PM |
रोग संबंधी प्रभाव, नए कार्य टालें |
| शुभ मुहूर्त |
01:47 PM – 04:00 PM |
शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
| मृत्यु पंचक |
04:00 PM – 06:13 PM |
अत्यंत अशुभ, कोई शुभ कार्य न करें |
| अग्नि पंचक |
06:13 PM – 08:22 PM |
अग्नि संबंधी अशुभ काल |
| शुभ मुहूर्त |
08:22 PM – 10:12 PM |
शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
| रज पंचक |
10:12 PM – 10:30 PM |
अशुभ काल, मांगलिक कार्य वर्जित |
| शुभ मुहूर्त |
10:30 PM – 12:09 AM (05 फरवरी) |
शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त |
| चोर पंचक |
12:09 AM – 12:42 AM |
अशुभ काल, सावधानी आवश्यक |
| शुभ मुहूर्त |
12:42 AM – 02:56 AM |
शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
| रोग पंचक |
02:56 AM – 05:02 AM |
रोग संबंधी प्रभाव, नए कार्य टालें |
| शुभ मुहूर्त |
05:02 AM – 06:21 AM |
शुभ कार्यों के लिए उत्तम |
🏠 निवास और शूल (Residences & Shool)
- होमाहुति: मंगल
- दिशा शूल: उत्तर
- अग्निवास: पृथ्वी
- नक्षत्र शूल: उत्तर (10:12 PM तक)
- भद्रावास: मृत्यु (12:19 PM – 12:09 AM, 05 फरवरी तक)
- चन्द्र वास: पूर्व (04:20 AM तक)
- शिववास: क्रीड़ा में (12:09 AM तक)
- राहु वास: दक्षिण-पश्चिम
- कुम्भ चक्र: उत्तर (10:12 PM तक)
📅 दैनिक उपवास और त्यौहार (Daily Fasts and Festivals)
आज कोई विशेष व्रत या त्यौहार पंचांग में उल्लिखित नहीं है।
🔍 अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
- पंचांग का उपयोग धार्मिक क्रियाओं, शुभ मुहूर्त निर्धारण, व्रत, पूजा, यात्रा, विवाह, गृह प्रवेश आदि के लिए किया जाता है।
- राहुकाल, यमगण्ड, गुलिक काल जैसे अशुभ समय में कोई भी शुभ कार्य आरंभ न करें।
- ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त में जागरण और पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
- पंचांग के पाँच मूल तत्व (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) के आधार पर मुहूर्त तय किया जाता है।